उत्तर प्रदेश के Varanasi से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां शंकराचार्य Swami Avimukteshwaranand Saraswati को जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन और मैसेज के जरिए उन्हें न केवल अपशब्द कहे, बल्कि Atiq Ahmed की तरह हत्या करने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चिंता का माहौल बन गया है।
FIR दर्ज न होने से बढ़ा विवाद
शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज के मुताबिक, इस मामले की शिकायत दर्ज कराने के लिए समर्थक भेलुपुर थाने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। Uttar Pradesh Police पर टालमटोल करने के आरोप लगाए गए हैं। समर्थकों का कहना है कि घंटों इंतजार के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिससे नाराजगी और बढ़ गई है। अब उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
लगातार मिल रहे थे धमकी भरे संदेश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। बताया जा रहा है कि अप्रैल की शुरुआत से ही शंकराचार्य को लगातार धमकी भरे मैसेज भेजे जा रहे थे। इन संदेशों में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और जान से मारने की बात कही गई। नंबर ब्लॉक करने के बावजूद 6 अप्रैल को दोबारा संपर्क करने की कोशिश की गई और वॉयस मैसेज के जरिए भी धमकी दी गई। इससे सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरा गई है।
विरोध की चेतावनी, सियासत भी गरमाई
इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी हलचल पैदा कर दी है। शंकराचार्य के समर्थकों ने साफ कहा है कि अगर जल्द एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो वे थाने के बाहर धरना और प्रदर्शन करेंगे। यह मामला कानून-व्यवस्था और धार्मिक नेताओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है, जिससे यह तय होगा कि इस संवेदनशील मामले में प्रशासन कितना गंभीर है।
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