Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक पर इस बार कुछ ऐसा देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आमतौर पर सख्त सुरक्षा और गंभीर माहौल के लिए पहचाने जाने वाले लाल चौक में इस बार देशभक्ति का रंग पूरी तरह से छाया रहा। घंटाघर के पास तिरंगा लहराता एक युवक, चारों ओर गूंजते “भारत माता की जय” के नारे और लोगों की आंखों में गर्व—यह दृश्य अपने आप में बेहद खास था। यह युवक कोई स्थानीय नहीं, बल्कि गुजरात के अहमदाबाद से आया एक आम पर्यटक अरुण था, जिसने गणतंत्र दिवस को यादगार बनाने के लिए श्रीनगर की धरती को चुना। लाल चौक पर तिरंगा फहराते हुए अरुण का यह कदम सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि बदलते कश्मीर की तस्वीर भी पेश कर रहा था। Republic Day जैसे राष्ट्रीय पर्व पर इस तरह का दृश्य दिखना लोगों के लिए भावुक करने वाला था।
तिरंगे के रंग में रंगा अरुण और ब्रह्मोस का प्रतीक
Republic Day 2026 पर लाल चौक पर मौजूद लोग उस वक्त कुछ पल के लिए ठहर गए, जब उन्होंने अरुण को पूरी तरह तिरंगे के रंगों में रंगा देखा। उसके चेहरे, कपड़ों और पूरे शरीर पर केसरिया, सफेद और हरे रंग साफ झलक रहे थे। अरुण के एक हाथ में राष्ट्रीय ध्वज था, जिसे वह गर्व के साथ लहरा रहा था, जबकि दूसरे हाथ में ब्रह्मोस मिसाइल का एक छोटा मॉडल था। यह मॉडल केवल एक खिलौना नहीं, बल्कि भारत की सैन्य ताकत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक था। अरुण “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहा था। वहां मौजूद सुरक्षाबल और स्थानीय लोग भी कुछ देर के लिए इस दृश्य को देखते रह गए। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन निकालकर वीडियो और तस्वीरें बनाईं। लाल चौक पर इस तरह खुलेआम और पूरे जोश के साथ देशभक्ति का प्रदर्शन होना, यह दिखाता है कि समय के साथ माहौल कितना बदल चुका है।
2022 से कश्मीर आकर तिरंगा लहराने की कहानी
Republic Day 2026 पर अरुण ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह वर्ष 2022 से लगातार कश्मीर आ रहा है और हर बार राष्ट्रीय पर्व के मौके पर तिरंगा लहराने की कोशिश करता है। उसने कहा, “मैं गणतंत्र दिवस के अवसर पर पूरे देश को शुभकामनाएं देता हूं। मैं यहां आकर भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह संदेश देना चाहता हूं कि आज का युवा सिर्फ सपने नहीं देखता, बल्कि उन्हें साकार होते हुए भी देखता है।” अरुण ने भावुक होते हुए यह भी कहा कि एक समय था जब लाल चौक पर तिरंगा लहराना बड़ी चुनौती माना जाता था। उसने बताया कि पहले हालात बेहद कठिन थे, लेकिन समय के साथ चीजें बदली हैं। अरुण के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ऐसे नेता थे जिन्होंने यहां तिरंगा फहराकर एक मजबूत संदेश दिया। “मैं 2022 से यहां अकेले आता रहा हूं और हर बार तिरंगा लहराता हूं। आज यहां खड़े होकर मुझे गर्व महसूस हो रहा है,” उसने कहा। उसके शब्दों में आत्मविश्वास और संतोष साफ झलक रहा था।
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र और लोगों की सराहना
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए Republic Day 2026 पर अरुण ने हाल की घटनाओं का भी जिक्र किया। उसने कहा कि पहलगाम में आतंकियों द्वारा बेगुनाह लोगों की हत्या के बाद चलाए गए “ऑपरेशन सिंदूर” ने पूरे देश को एक मजबूत संदेश दिया। अरुण ने कहा कि इस ऑपरेशन में भूमिका सिंह और सोफिया कुरैशी जैसी महिलाओं ने जिस साहस और शक्ति का परिचय दिया, उसने भारत की असली ताकत को दुनिया के सामने रखा। लाल चौक पर मौजूद स्थानीय लोगों और अन्य पर्यटकों ने अरुण के इस साहस और देशभक्ति की खुले दिल से सराहना की। कई लोगों ने उससे हाथ मिलाया, कुछ ने “जय हिंद” कहा और कुछ ने उसके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। गणतंत्र दिवस के मौके पर श्रीनगर के दिल कहे जाने वाले लाल चौक पर ऐसा दृश्य देखने से पूरे इलाके में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बन गया। यह नज़ारा न सिर्फ एक व्यक्ति की देशभक्ति की कहानी कहता है, बल्कि बदलते जम्मू-कश्मीर और मजबूत होते राष्ट्रीय विश्वास की भी झलक देता है।
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