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77th Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर गूंजा ‘वंदे मातरम्’, भारत की सैन्य ताकत और संस्कृति ने दुनिया को चौंकाया

77th Republic Day 2026 Live: कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस की परेड में ब्रह्मोस-आकाश मिसाइल, बैटल ऐरे फॉर्मेट और ‘वंदे मातरम्’ थीम के साथ दिखी भारत की आन-बान-शान।

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77th Republic Day 2026: देश आज 77वां Republic Day 2026 पूरे गर्व और जोश के साथ मना रहा है। राजधानी नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर जैसे ही परेड की शुरुआत हुई, पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया। सैन्य बैंड ने ढोल और शहनाई पर ‘वंदे मातरम्’ की धुन बजाकर समारोह की शानदार शुरुआत की। इस वर्ष गणतंत्र दिवस की थीम ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ रखी गई है, जो भारत की आज़ादी, एकता और आत्मसम्मान का प्रतीक है। सुबह से ही कर्तव्य पथ और आसपास के इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली। परेड का आयोजन सुबह हुआ, जो करीब 90 मिनट तक चला। देश और दुनिया की नजरें इस भव्य आयोजन पर टिकी रहीं, जहां भारत की सांस्कृतिक विरासत, सैन्य शक्ति और लोकतांत्रिक परंपराओं का शानदार संगम देखने को मिला।

शहीदों को नमन और राष्ट्रपति की सलामी

Republic Day 2026 समारोह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथियों के साथ पारंपरिक बग्गी में कर्तव्य पथ पहुंचीं। उन्होंने परेड से पहले सलामी ली और समारोह की औपचारिक शुरुआत की। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भावनिश कुमार ने किया, जो दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग हैं। खास बात यह रही कि वे सेना के दूसरे पीढ़ी के अधिकारी हैं, जो परंपरा और अनुशासन का प्रतीक माने जाते हैं। राष्ट्रपति की मौजूदगी और शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि ने पूरे आयोजन को भावनात्मक और गौरवपूर्ण बना दिया।

 ब्रह्मोस-आकाश मिसाइल और बैटल ऐरे ने बढ़ाया रोमांच

Republic Day 2026 में इस साल की परेड में भारत की सैन्य ताकत खास आकर्षण का केंद्र रही। पहली बार भारतीय सेना का चरणबद्ध ‘बैटल ऐरे फॉर्मेट’ प्रदर्शित किया गया, जिसमें थल सेना के साथ-साथ हवाई घटक भी शामिल रहा। परेड में उच्च गतिशीलता वाला टोही वाहन और भारत का पहला स्वदेशी बख्तरबंद हल्का विशेष वाहन भी लोगों के सामने पेश किया गया। इसके अलावा, ब्रह्मोस और आकाश जैसी आधुनिक मिसाइलों की मौजूदगी ने भारत की रक्षा क्षमता को दुनिया के सामने मजबूती से रखा। इन हथियार प्रणालियों ने साफ संदेश दिया कि भारत न केवल आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली की ओर बढ़ रहा है, बल्कि किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों ने जब मिसाइलों और सैन्य टुकड़ियों को देखा, तो तालियों और देशभक्ति के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

 सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सीमाओं पर हाई अलर्ट

Republic Day 2026 के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई भी ढिलाई नहीं बरती गई। देश विरोधी गतिविधियों की आशंका को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को मिली विशिष्ट खुफिया जानकारी के बाद सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट घोषित किया गया। एसएसबी की 42वीं वाहिनी के सेनानायक गंगा सिंह उदावत ने बताया कि 26 जनवरी को संभावित खतरे को देखते हुए जवान चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं। सीमा से सटी सड़कों, जंगलों, पगडंडियों और जलीय क्षेत्रों में लगातार गश्त की जा रही है। ड्रोन और आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गणतंत्र दिवस का आयोजन शांतिपूर्ण और गरिमामय तरीके से संपन्न हो रहा है, जो भारत की मजबूत आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को दर्शाता है।

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