Homeदेशकट्टरपंथी इकबाल मंच से भारत विरोधी मांग, बोले ‘भारतीयों को नौकरी मत...

कट्टरपंथी इकबाल मंच से भारत विरोधी मांग, बोले ‘भारतीयों को नौकरी मत दो…’

बांग्लादेश में भारत विरोधी इंकलाब मंच ने शेख हसीना की वापसी और उस्मान हादी की मौत को लेकर चार सूत्री मांग रखी हैं। भारत में इस कदम को लेकर बढ़ी चिंता, पढ़ें पूरी खबर।

-

बांग्लादेश में एक बार फिर से भारत विरोधी तनाव पैदा हो गया है। देश के कट्टरपंथी संगठन इंकलाब मंच ने शेख हसीना की वापसी और अपने नेता उस्मान हादी की हाल ही में हुई हत्या के बाद भारत के खिलाफ अपनी चौकाने वाली चार सूत्री मांगें रखी हैं। स्थानीय मीडिया प्रोथोम अलो के अनुसार, इंकलाब मंच ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर भारत शेख हसीना को नहीं सौंपता है तो मामला इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस तक जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने बांग्लादेश में काम कर रहे सभी भारतीयों का वर्क परमिट रद्द करने की भी मांग की है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और संगठन की बढ़ती ताकत

विश्लेषकों के अनुसार, बांग्लादेश में भारत विरोधी तत्व लगातार मजबूत होते जा रहे हैं। शेख हसीना सरकार के सत्ता में आने के बाद कई कट्टरपंथी समूह सक्रिय हो गए हैं, जिन्होंने अपने विरोध की जड़ें गहरा दी हैं। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने इन समूहों को खुली छूट दी, जिससे इंकलाब मंच जैसे संगठन अपनी मांगों को खुलेआम रख सकते हैं। इस संगठन का कहना है कि भारत उनके नेताओं की सुरक्षा और राजनीतिक मुद्दों में हस्तक्षेप कर रहा है, जिससे वे अपनी मांगों पर जोर दे रहे हैं।

भारत पर आरोप और संभावित प्रभाव

इंकलाब मंच ने भारत पर आरोप लगाया है कि वह बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति में दखल दे रहा है। संगठन के प्रवक्ता का कहना है कि शेख हसीना की वापसी और उस्मान हादी की मौत भारत की नाकामी का परिणाम है, और भारत इस संकट के लिए जिम्मेदार है। उनकी यह मांगें न केवल राजनीतिक बल्कि आर्थिक क्षेत्र में भी भारत के लिए चुनौती बन सकती हैं। अगर बांग्लादेश में काम करने वाले भारतीयों के वर्क परमिट रद्द किए जाते हैं, तो हजारों भारतीय कर्मचारी और व्यवसाय प्रभावित हो सकते हैं।

 स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इस कदम के बाद बांग्लादेश और भारत दोनों सरकारों में सतर्कता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह भारत-बांग्लादेश संबंधों में नई चुनौतियां पैदा कर सकता है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस पर टिक गई हैं कि कैसे भारत और बांग्लादेश इस तनाव को शांतिपूर्ण तरीके से हल करते हैं। वर्तमान में, इंकलाब मंच की यह मांगें क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।

Read more-मृत पिता, बेहोश मां और जंगल की सर्द रात… 5 साल के मासूम ने जो किया, जानकर खड़े हो जाएंगे रोंगटे

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts