रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक नया और बेहद संवेदनशील दावा सामने आने से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। रूस ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के स्थायी आवास को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला करने की कोशिश की। यह दावा ऐसे समय में सामने आया है, जब युद्ध को रोकने और शांति की दिशा में कूटनीतिक प्रयासों की बात चल रही है। रूस के अनुसार, मॉस्को के उत्तर में स्थित नोवगोरोड क्षेत्र में पुतिन के आवास पर लंबी दूरी के 91 यूक्रेनी ड्रोन से हमला करने का प्रयास किया गया। हालांकि रूस का कहना है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने सभी ड्रोन को समय रहते मार गिराया, जिससे किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। इस दावे ने न सिर्फ रूस और यूक्रेन के रिश्तों को और तनावपूर्ण बना दिया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है।
PM मोदी की प्रतिक्रिया, शांति पर जोर
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रूसी राष्ट्रपति के आवास को निशाना बनाए जाने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं। पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि जारी कूटनीतिक प्रयास ही शत्रुता समाप्त करने और स्थायी शांति की ओर बढ़ने का सबसे व्यावहारिक रास्ता हैं। उन्होंने रूस और यूक्रेन दोनों से अपील की कि वे किसी भी ऐसी कार्रवाई से बचें, जो इन प्रयासों को कमजोर कर सकती है। पीएम मोदी की यह प्रतिक्रिया भारत की उस नीति को दर्शाती है, जिसमें वह युद्ध के बजाय संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान पर जोर देता रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत लगातार यह कहता आया है कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता, और इस बयान ने उसी रुख को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है।
Deeply concerned by reports of the targeting of the residence of the President of the Russian Federation. Ongoing diplomatic efforts offer the most viable path toward ending hostilities and achieving peace. We urge all concerned to remain focused on these efforts and to avoid any…
— Narendra Modi (@narendramodi) December 30, 2025
रूस का कड़ा आरोप, लावरोव की चेतावनी
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस कथित ड्रोन हमले को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को हुए इस हमले में कोई नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि सभी ड्रोन को मार गिराया गया। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि रूस के पास यह अधिकार सुरक्षित है कि वह उचित समय पर जवाबी कार्रवाई करे। लावरोव ने यूक्रेन पर आरोप लगाया कि यह हमला शांति वार्ता को विफल करने की एक कोशिश है। उनका कहना है कि कीव और उसके सहयोगी नहीं चाहते कि युद्ध खत्म हो और इसी वजह से इस तरह की उकसावे वाली कार्रवाइयां की जा रही हैं। रूस का यह भी दावा है कि हाल के दिनों में यूक्रेन की ओर से ड्रोन हमलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जो सीधे तौर पर संघर्ष को और भड़काने का संकेत देती है।
यूक्रेन का इनकार, आरोपों को बताया मनगढ़ंत
रूस के इन गंभीर आरोपों को यूक्रेन ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोडिमिर जेलेंस्की ने इन दावों को “पूरी तरह से मनगढ़ंत” बताया और कहा कि इनका उद्देश्य शांति प्रक्रिया को कमजोर करना है। जेलेंस्की का कहना है कि रूस इस तरह के आरोप लगाकर यूक्रेन पर अपने हमलों को सही ठहराने की कोशिश कर रहा है, जिसमें राजधानी कीव पर किए गए हमले भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संकट को समाप्त करने के लिए जरूरी कदम उठाने से रूस लगातार इनकार करता रहा है और जब अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता है, तो वह इस तरह के आरोपों का सहारा लेता है। यूक्रेन का दावा है कि वह सिर्फ अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा कर रहा है और रूस द्वारा लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध अब सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के जरिए वैश्विक मंच पर भी इसकी गूंज सुनाई दे रही है।
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