पाकिस्तान में पेट्रोल और जरूरी चीजों की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने अब बड़ा जनआक्रोश खड़ा कर दिया है। लॉकडाउन जैसे हालात के बीच भी लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए हैं। कराची, हैदराबाद, सुक्कुर और जैकोबाबाद समेत कई शहरों में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। आम नागरिकों के साथ-साथ राजनीतिक कार्यकर्ता और मजदूर संगठन भी इस विरोध में शामिल हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि महंगाई ने उनकी कमर तोड़ दी है और अब रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल होता जा रहा है।
कफन ओढ़कर प्रदर्शन, अनोखे तरीके से जताया गुस्सा
सिंध के सुक्कुर में विरोध का एक अलग ही रूप देखने को मिला, जहां सिंध यूनाइटेड पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कफन ओढ़कर सांकेतिक भूख हड़ताल की। पार्टी नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि पेट्रोल की कीमतों में जो कटौती दिखाई जा रही है, वह केवल दिखावा है। उनका कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम आदमी की जिंदगी और मुश्किल हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि महंगाई अब बेकाबू हो चुकी है और सरकार इसे नियंत्रित करने में नाकाम रही है।
विपक्ष और मजदूर संगठनों का हमला तेज
विरोध प्रदर्शन में विपक्षी दल भी खुलकर सामने आ गए हैं। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेताओं ने सरकार की नीतियों को आम जनता के खिलाफ बताया है। कुछ नेताओं ने साइकिल से संसद पहुंचकर महंगे पेट्रोल का विरोध किया। वहीं कराची में कई मजदूर संगठनों ने संयुक्त प्रदर्शन करते हुए पेट्रोलियम टैक्स हटाने, मजदूरी बढ़ाने और विदेशी कर्ज के भुगतान पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव का बहाना बनाकर जनता पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
बढ़ता विरोध, सरकार के लिए खतरे की घंटी
जैकबाबाद और अन्य शहरों में साइकिल रैली और धरना प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि अब आम लोग भी इस संकट से बेहद परेशान हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अब परिवहन का खर्च तक नहीं उठा पा रहे हैं। नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द राहत नहीं दी गई, तो यह विरोध पूरे देश में और तेज हो सकता है। मौजूदा हालात सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं और आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
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