बिहार के गया स्थित मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, प्यारी देवी नाम की बुजुर्ग महिला को सांस लेने में दिक्कत होने के बाद उनके पोते ने अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी मरीज को समय पर इलाज नहीं मिल सका। काफी देर तक डॉक्टर के इंतजार में परिवार परेशान रहा, लेकिन कोई जिम्मेदार सामने नहीं आया।
स्ट्रेचर तक नहीं मिला, मजबूरी में उठाया बड़ा कदम
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब मरीज की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने जब मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने का फैसला किया और स्ट्रेचर की मांग की, तो उन्हें कथित तौर पर यह कह दिया गया कि स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं है। यह सुनकर परिवार हैरान रह गया। आखिरकार मजबूरी में पोते ने अपनी बीमार दादी को स्कूटी पर बैठाया और उन्हें निजी अस्पताल ले जाने के लिए निकल पड़ा। यह दृश्य किसी फिल्म जैसा जरूर लग सकता है, लेकिन हकीकत में यह बेहद दर्दनाक था।
वायरल वीडियो ने खोली व्यवस्था की पोल
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह एक युवक अपनी बीमार दादी को स्कूटी पर बैठाकर अस्पताल से बाहर ले जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में गुस्सा बढ़ गया है और सरकारी अस्पतालों की बदहाल स्थिति को लेकर बहस तेज हो गई है। कई लोगों ने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की नाकामी और संवेदनहीनता का उदाहरण बताया है।
जांच के आदेश, लेकिन सवाल अब भी कायम
घटना पर अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल अनभिज्ञता जताई है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. किशोर कुमार सिंहा का कहना है कि उनके पास अभी तक इस मामले की आधिकारिक जानकारी नहीं है और अस्पताल में स्ट्रेचर की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में संसाधनों की कमी और प्रबंधन की खामियों को उजागर कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर समय पर इलाज और सुविधा मिलती, तो क्या इस तरह की नौबत आती?
