बिहार में अब ज्वेलरी खरीदने का तरीका बदलने जा रहा है। अगर आप हिजाब, घूंघट, नकाब या हेलमेट पहनकर सोने-चांदी की खरीदारी करने की सोच रहे हैं, तो आपको रुकना पड़ेगा। ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन ने पूरे राज्य में यह नया निर्देश लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत कोई भी ग्राहक चेहरा ढंककर ज्वेलरी शॉप में प्रवेश नहीं कर सकेगा। इस फैसले के बाद बिहार ऐसा पहला राज्य बन गया है, जहां राज्य स्तर पर ज्वेलरी दुकानों के लिए यह नियम औपचारिक रूप से लागू किया गया है। कई जिलों में दुकानों के बाहर नोटिस भी चिपका दिए गए हैं, जिनमें साफ लिखा है कि मास्क, बुर्का, नकाब, हेलमेट या किसी भी तरह से चेहरा ढंककर दुकान में आना मना है। यह नियम 8 जनवरी से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएगा।
ज्वेलर्स का तर्क—सुरक्षा सबसे बड़ी वजह
ज्वेलरी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने इस फैसले के पीछे की वजह साफ की है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसी धर्म या समुदाय को निशाना बनाकर नहीं लिया गया है, बल्कि पूरी तरह सुरक्षा से जुड़ा है। बीते कुछ वर्षों में बिहार के अलग-अलग जिलों में ज्वेलरी दुकानों में लूट और डकैती की कई घटनाएं सामने आई हैं। अधिकतर मामलों में आरोपी चेहरा ढंककर दुकान में घुसते हैं, जिससे सीसीटीवी फुटेज में उनकी पहचान नहीं हो पाती। सोना और चांदी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में ज्वेलरी दुकानों की सुरक्षा और भी संवेदनशील हो गई है। फेडरेशन का कहना है कि यह नियम लागू करके वे न सिर्फ अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं, बल्कि प्रशासन को भी अपराधियों को पकड़ने में सहयोग देना चाहते हैं।
राजनीतिक रंग, RJD और BJP आमने-सामने
इस फैसले के सामने आते ही बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस नियम को हिजाब को निशाना बनाने वाला कदम बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह फैसला महिलाओं की धार्मिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर सीधा असर डालता है। RJD का आरोप है कि सुरक्षा के नाम पर एक खास वर्ग को असहज किया जा रहा है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस फैसले का समर्थन किया है। BJP नेताओं का कहना है कि भारत कोई इस्लामिक देश नहीं है और सुरक्षा के नियम सभी के लिए समान होने चाहिए। उनका तर्क है कि अगर चेहरा ढंककर अपराध हो रहे हैं, तो ऐसे नियम जरूरी हैं। इस मुद्दे पर सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक तीखी बहस छिड़ गई है।
आम लोगों पर असर और आगे की तस्वीर
नए नियम का असर अब सीधे ग्राहकों पर पड़ेगा, खासकर उन महिलाओं पर जो परंपरागत रूप से घूंघट या हिजाब में खरीदारी करती रही हैं। ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि दुकान के अंदर आने से पहले ग्राहक चाहें तो सुरक्षित तरीके से चेहरा दिखा सकते हैं, ताकि पहचान हो सके। इसके बाद खरीदारी में कोई रोक नहीं होगी। वहीं आम लोगों में इस फैसले को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे सुरक्षा के लिहाज से जरूरी बता रहे हैं, तो कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं। साफ है कि 8 जनवरी के बाद यह नियम जमीन पर कैसे लागू होता है और इसका सामाजिक असर क्या होता है, इस पर सभी की नजर बनी रहेगी। बिहार में ज्वेलरी दुकानों से शुरू हुआ यह नियम आने वाले समय में दूसरे राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
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