उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में खुद को पूर्व मुस्लिम बताने वाले यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। देर रात अज्ञात हमलावर उनके घर में घुसे और चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर फरार हो गए। हमले में गंभीर रूप से घायल सलीम वास्तिक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। सलीम वास्तिक सोशल मीडिया पर मुस्लिम समाज की कुरीतियों और कट्टरपंथ पर खुलकर अपनी राय रखने के लिए जाने जाते हैं। माना जा रहा है कि उनकी बेबाकी ही इस हमले की बड़ी वजह हो सकती है। इस वारदात के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं
डासना मंदिर में रोके जाने पर भड़के यति नरसिंहानंद गिरि
हमले के बाद यह मामला तब और गंभीर हो गया, जब यति नरसिंहानंद गिरि ने खुलकर विरोध दर्ज कराया। गाजियाबाद स्थित डासना मंदिर के महंत और श्री पंच जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि घायल सलीम वास्तिक से मिलने अस्पताल जाना चाहते थे। हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें मंदिर परिसर में ही रोक लिया। इसी बात से नाराज होकर यति नरसिंहानंद गिरि ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि अगर उन्हें सलीम से मिलने से रोका गया, तो इसके पीछे राजनीतिक दबाव है। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों के सामने उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि उन्हें केवल मारकर ही रोका जा सकता है, अन्यथा वे सलीम वास्तिक से मिलने जरूर जाएंगे। इस बयान के बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
CM योगी को सीधी चुनौती
यति नरसिंहानंद गिरि के बयान यहीं नहीं रुके। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि “आज मुझे सिर्फ मेरा कत्ल करके ही रोका जा सकता है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर उन्हें रोके हुए है। यति नरसिंहानंद गिरि ने खुद को “नकली हिंदूवादी नहीं” बताते हुए कहा कि उन्हें सत्ता या पद की लालसा नहीं है, बल्कि वे अपने सिद्धांतों पर अडिग हैं। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं सत्तारूढ़ दल के नेताओं का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस बीच, सोशल मीडिया पर बयानबाजी और बहस का दौर तेज हो चुका है।
बेटे की तहरीर पर मुकदमा, सुरक्षा पर बड़ा सवाल
इस हमले के बाद सलीम वास्तिक के बेटे ने थाने में तहरीर देकर AIMIM के एक नेता अजगर और भाटी बिल्डर समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों पर कार्रवाई होगी। दूसरी ओर, यति नरसिंहानंद गिरि का कहना है कि सलीम वास्तिक ने “सनातन के लिए हजार गुना काम किया है” और वे अपने घायल साथी को देखने जरूर जाएंगे। यह मामला अब केवल एक हमले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कानून-व्यवस्था, अभिव्यक्ति की आज़ादी और धार्मिक-राजनीतिक टकराव का बड़ा मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में इस केस की जांच और नेताओं की प्रतिक्रिया तय करेगी कि हालात किस दिशा में जाते हैं।
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