देश में LPG और ईंधन संकट को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरकार ने बड़ा बयान जारी किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसी भी तरह की कमी की कोई स्थिति नहीं है। मंत्रालय की ओर से बताया गया कि घरेलू एलपीजी की सप्लाई सामान्य बनी हुई है और अधिकतर बुकिंग अब डिजिटल माध्यम से हो रही है। इस बयान के बाद आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जो पिछले कुछ समय से संभावित संकट को लेकर चिंतित थे।
एलपीजी वितरण और बिक्री के ताजा आंकड़े
मंत्रालय के अनुसार देशभर में LPG वितरण पूरी क्षमता के साथ जारी है और वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। रोजाना लगभग एक लाख गैस सिलेंडर की बिक्री हो रही है, जिससे सप्लाई चेन की मजबूती साफ दिखाई देती है। अधिकारियों ने बताया कि 14 मार्च के बाद से अब तक बड़ी मात्रा में एलपीजी की बिक्री हो चुकी है और यह प्रक्रिया लगातार जारी है। कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई भी तेजी से बहाल हो रही है और यह अब लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि देश में गैस आपूर्ति प्रणाली स्थिर होती जा रही है।
LPG distributors and petrol pumps have sufficient stock with no reported shortages. Domestic LPG supply remains normal with 98% online bookings, while commercial LPG is 70% restored, with around 1,06,000 tonnes sold since 14 March and 6,000 to 6,500 tonnes sold daily.
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— PIB India (@PIB_India) April 10, 2026
5 किलो सिलेंडर और PNG को लेकर नई रणनीति
सरकार ने छोटे उपभोक्ताओं के लिए 5 किलो वाले LPG सिलेंडर को लेकर भी अहम जानकारी दी है। मंत्रालय के अनुसार बिना आईडी के भी इन सिलेंडरों की सप्लाई को बढ़ाया गया है ताकि जरूरतमंद लोगों तक आसानी से गैस पहुंच सके। अब रोजाना करीब एक लाख छोटे सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है। साथ ही सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दे रही है, ताकि लंबे समय में एलपीजी पर निर्भरता कम की जा सके और लोगों को स्थिर आपूर्ति मिलती रहे।
जागरूकता अभियान और भविष्य की तैयारी
LPG और प्राकृतिक गैस के सुरक्षित और बेहतर उपयोग के लिए देशभर में 2400 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। मंत्रालय का कहना है कि घरेलू उपयोगकर्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि उद्योग और अन्य क्षेत्रों में भी सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य की जा रही है। उर्वरक क्षेत्र में लगभग 95 प्रतिशत सप्लाई बहाल हो चुकी है, जबकि औद्योगिक क्षेत्रों में भी स्थिति बेहतर हो रही है। सरकार का फोकस अब केवल आपूर्ति बनाए रखने पर ही नहीं, बल्कि लोगों को वैकल्पिक ऊर्जा विकल्पों की ओर शिफ्ट करने पर भी है, ताकि भविष्य में किसी भी संकट से बचा जा सके।
