दिवाली की रात जहां देशभर में खुशियों की रौशनी बिखरी, वहीं दिल्ली-एनसीआर में अगली सुबह सिर्फ धुंध और दम घोंटती हवा नजर आई। 21 अक्तूबर 2025 की सुबह राजधानी की हवा इतनी जहरीली हो गई कि AQI कई इलाकों में 500 के पार पहुंच गया। ऐसे में एक बार फिर से प्रदूषण को लेकर सियासत गरमा गई है। दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार जानबूझकर किसानों को पराली जलाने के लिए मजबूर कर रही है। सिरसा ने मीडिया के सामने कुछ वीडियो क्लिप भी पेश कीं, जिनमें किसान चेहरा ढककर पराली जलाते दिख रहे हैं। सिरसा का कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश है ताकि दिल्ली में प्रदूषण बढ़े और इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जा सके।
“AAP सरकार किसानों को धमका रही है”, मंत्री सिरसा का दावा
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पंजाब में किसानों को धमकाया जा रहा है कि वे पराली जलाएं और कैमरे के सामने न आएं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को मजबूर किया जा रहा है कि वे चेहरा ढककर पराली जलाएं ताकि बाद में कोई पहचान न हो सके। उन्होंने कहा कि किसान खुद पराली जलाना नहीं चाहते, लेकिन राजनीतिक दबाव में ऐसा कर रहे हैं। सिरसा ने यह भी आरोप लगाया कि ये गतिविधियां दिल्ली की हवा को जानबूझकर जहरीला बनाने के लिए की जा रही हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और इसे ‘हिंदू त्योहारों को बदनाम करने की साजिश’ भी बताया।
आप नेता सौरभ भारद्वाज का पलटवार, “मंत्री अनपढ़ हैं, झूठ फैला रहे हैं”
उधर, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सिरसा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “मंजिंदर सिंह सिरसा झूठ फैला रहे हैं। उन्हें प्रदूषण की साइंटिफिक समझ नहीं है। AAP सरकार ने पंजाब में पराली प्रबंधन के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। इसके बावजूद अगर कोई पराली जला रहा है, तो वह केंद्र सरकार की विफलता है, जिसने पंजाब को पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं दी।” भारद्वाज ने यह भी कहा कि भाजपा दिवाली और हिन्दू त्योहारों को मुद्दा बनाकर लोगों की भावनाएं भड़काने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मंत्री को ‘अनपढ़’ तक कह दिया और पूरे मामले को ‘राजनीतिक स्टंट’ बताया।
