अमेरिका ने अपने एक पायलट को बचाने के लिए बड़ा ऑपरेशन चलाया। यह पायलट करीब 48 घंटे तक दुश्मन इलाके में फंसा हुआ था। अमेरिकी सेना ने बताया कि उन्होंने पायलट को सुरक्षित निकाल लिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे “इतिहास के सबसे बहादुर रेस्क्यू ऑपरेशन्स में से एक” बताया। उन्होंने कहा कि पायलट सुरक्षित है और जल्द पूरी तरह ठीक हो जाएगा।
ईरान का दावा
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा कि पायलट को बचाने के अमेरिकी प्रयास में उनके C‑130 सपोर्ट विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को ईरानी सेना ने गिरा दिया। IRGC प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने कहा कि अमेरिका का मिशन नाकाम रहा और उनके विमान अभी भी जल रहे हैं। ईरान ने यह भी बताया कि इस ऑपरेशन में कम‑से‑कम पाँच लोग मारे गए।
Khatam al-Anbiya Headquarters:
A rescue operation planned by Israel and the U.S. at an abandoned airport in Isfahan failed due to the timely intervention of our forces.#Iran #Israel #US #War pic.twitter.com/GL7fmxXiAS
— Consulate General of the I.R. Iran in Mumbai (@IRANinMumbai) April 5, 2026
अमेरिका का जवाब
अमेरिका ने ईरान के दावे को गलत बताया। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि पायलट पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन बहुत कठिन था और अमेरिकी सेना ने साहस दिखाते हुए उसे बचाया। ट्रंप ने इसे “हमारे क्रू मेंबर के लिए शानदार ऑपरेशन” बताया और कहा कि पायलट एक सम्मानित कर्नल हैं।
सच्चाई क्या है?
अभी यह साफ नहीं है कि ईरान का दावा सही है या नहीं। कोई अंतरराष्ट्रीय संस्था ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। इसलिए यह स्थिति अभी अनिर्णीत है। दोनों देशों के बयान अलग हैं — ईरान का दावा और अमेरिका का इनकार। दुनिया भर के लोग अब इस घटना की सही जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
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