ईरान पर इजरायल और अमेरिका का भीषण दिनदहाड़े हमला। युद्ध के मुहाने पर खड़ा मध्य पूर्व, भारतीय दूतावास ने शनिवार की दोपहर जब दुनिया अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थी, तभी मध्य पूर्व से आई एक खबर ने वैश्विक सनसनी फैला दी। इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के सैन्य ठिकानों पर दिन के उजाले में भीषण हवाई हमले किए हैं। इस अचानक हुए प्रहार ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। हमले के तुरंत बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की कसम खाई है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। वहां रह रहे हजारों भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार अब पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
दोपहर का सन्नाटा धमाकों में बदला, इजरायल का ‘ऑपरेशन सनशाइन’
आमतौर पर इस तरह के रणनीतिक हमले रात के अंधेरे में किए जाते हैं, लेकिन इस बार इजरायल ने रणनीति बदलते हुए दिन के वक्त हमला बोलकर ईरान को चौंका दिया। चश्मदीदों के मुताबिक, तेहरान के बाहरी इलाकों और प्रमुख सैन्य अड्डों के ऊपर धुएं के गुबार देखे गए। इजरायली सेना का दावा है कि उन्होंने ईरान की उन संपत्तियों को निशाना बनाया है जो इजरायल पर हमले की तैयारी में थीं। दिन में हुए इस हमले ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्थानीय आबादी में भी भारी भगदड़ और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
भारतीय नागरिकों के लिए ‘रेड अलर्ट’, दूतावास ने कहा- जहां हैं वहीं रहें
जैसे ही हमले की खबर पुख्ता हुई, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने फौरन एक ‘इमरजेंसी रेड अलर्ट’ जारी कर दिया। दूतावास ने सभी भारतीयों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने घरों, दफ्तरों या जहां भी हैं, वहीं सुरक्षित रहें। सड़कों पर निकलने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचने की सलाह दी गई है। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते इस सीधे टकराव को देखते हुए, विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि भारतीयों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। दूतावास की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षित ठिकानों की मैपिंग कर रही हैं।
24×7 इमरजेंसी हेल्पलाइन सक्रिय, हर कॉल पर सरकार की नजर
भारतीयों की मदद के लिए विदेश मंत्रालय ने युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। तेहरान और तेल अवीव में 24 घंटे चलने वाले हेल्पलाइन नंबर (+98-9128109115 और +972-54-7520711) जारी कर दिए गए हैं। इन नंबरों पर कॉल करके भारतीय अपनी स्थिति की जानकारी दे सकते हैं या सहायता मांग सकते हैं। सरकार ने एक विशेष डेस्क भी बनाई है जो सीधे उन परिवारों से संपर्क कर रही है जिनके परिजन ईरान या इजरायल में काम कर रहे हैं। कई विमानन कंपनियों ने सुरक्षा कारणों से अपने रूट बदल दिए हैं और उड़ानें स्थगित कर दी हैं, जिससे यात्रा कर रहे भारतीय भी प्रभावित हुए हैं।
ईरान का पलटवार और दुनिया की चिंता: अब आगे क्या?
ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व ने इस हमले को अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है और कहा है कि “दुश्मन ने दिन में हमला करके अपनी कब्र खोद ली है।” विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अब अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इजरायल पर बड़े ड्रोन और मिसाइल हमले कर सकता है। अगर यह सिलसिला नहीं थमा, तो इसका असर वैश्विक व्यापार और कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ेगा। पूरी दुनिया की नजरें अब ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं—क्या यह संघर्ष केवल सीमा तक सीमित रहेगा या यह एक विनाशकारी क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील हो जाएगा?
