असम के जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरते समय भारतीय वायुसेना का एक सुखोई-30 फाइटर जेट क्रैश हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह हादसा टेकऑफ के कुछ ही मिनट बाद हुआ, जब विमान ने सामान्य तरीके से उड़ान भरी थी लेकिन अचानक तकनीकी गड़बड़ी की आशंका जताई गई। देखते ही देखते आसमान में धुआं उठता नजर आया और कुछ ही पलों में विमान जमीन की ओर गिर गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पायलटों की सुरक्षा पर अपडेट
सूत्रों के अनुसार विमान में दो पायलट सवार थे। हादसे से पहले दोनों ने स्थिति को भांपते हुए इजेक्ट करने की कोशिश की। राहत की बात यह रही कि दोनों पायलट सुरक्षित बताए जा रहे हैं और उन्हें तुरंत इलाज के लिए नजदीकी सैन्य अस्पताल ले जाया गया। वायुसेना की ओर से आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पायलटों की हालत स्थिर है और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
जांच के आदेश, तकनीकी खराबी की आशंका
भारतीय वायुसेना ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक अनुमान में तकनीकी खराबी को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। विशेषज्ञों की टीम मलबे की जांच कर रही है और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर को सुरक्षित करने की कोशिश की जा रही है। सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। आसपास के क्षेत्र को सील कर दिया गया है ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें। यह घटना एक बार फिर सैन्य विमानों की सुरक्षा और तकनीकी जांच की अहमियत को सामने लाती है।

