कौशांबी जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और आम लोगों दोनों को चौंका दिया। महेवाघाट थाना क्षेत्र के अलवारा गांव में रहने वाले राजू तिवारी को अपनी ही पत्नी की हत्या के आरोप में जेल भेज दिया गया था। यह मामला तब शुरू हुआ जब राजू के ससुर शारदा मिश्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी बेटी की हत्या कर दी गई है और उसकी लाश को गायब कर दिया गया है। शिकायत के आधार पर जब पुलिस ने राजू से पूछताछ की, तो वह कोई ठोस जवाब नहीं दे सका और उसने थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे आरोपी मानते हुए जेल भेज दिया। मामला यहीं तक सीमित रहता, लेकिन आगे जो हुआ उसने पूरे केस की दिशा ही बदल दी।
पत्नी पहले भी हो चुकी थी गायब, सामने आया प्रेम संबंध का एंगल
जेल में बंद राजू तिवारी के मामले की जब पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की, तो कई अहम तथ्य सामने आने लगे। जांच के दौरान पता चला कि साल 2024 में भी उसकी पत्नी अचानक कई दिनों के लिए गायब हो गई थी। उस समय भी काफी खोजबीन के बाद वह वापस मिली थी। तब यह बात सामने आई थी कि उसका अपने ही पति के मौसेरे भाई संकल्प उर्फ रामू मिश्रा के साथ प्रेम संबंध था। इस जानकारी ने पुलिस के शक को और मजबूत कर दिया। इसके अलावा, राजू ने पहले ही थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी उसे पसंद नहीं करती और अक्सर फोन पर किसी से बातचीत करती रहती है। दोनों के दो बच्चे भी हैं, जिससे मामला और संवेदनशील बन गया।
पुलिस पहुंची हरियाणा, प्रेमी के घर से जिंदा मिली महिला
जांच के दौरान पुलिस ने संकल्प उर्फ रामू मिश्रा को पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन उसने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों और कामकाज की जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि वह हरियाणा के मानेसर स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में काम करता है। 22 मार्च को पुलिस टीम मानेसर पहुंची और वहां छानबीन की। जब पुलिस रामू के घर पहुंची, तो वहां जो नजारा सामने आया उसने पूरे मामले का सच उजागर कर दिया—जिस महिला की हत्या का आरोप लगाकर उसके पति को जेल भेजा गया था, वह वहीं जिंदा मिली। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ कौशांबी लेकर आई और उससे विस्तृत पूछताछ की गई।
पति को मिली रिहाई, ससुर और प्रेमी पर केस दर्ज
महिला से पूछताछ के बाद पूरा मामला साफ हो गया। उसने बताया कि वह अपनी मर्जी से घर छोड़कर रामू के साथ रह रही थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए निर्दोष पति राजू तिवारी को जेल से रिहा कर दिया। वहीं, झूठी शिकायत करने के आरोप में ससुर शारदा मिश्रा और महिला के प्रेमी संकल्प मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस मामले ने न सिर्फ पुलिस जांच प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि बिना पूरी जांच के किसी को आरोपी मान लेना कितना खतरनाक हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
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