जिस अनमोल बिश्नोई का नाम कभी गैंगस्टर नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और वसूली के टारगेट से जुड़ा रहता था, आज वही अनमोल तिहाड़ जेल की चारदीवारी के भीतर बिल्कुल अलग जीवन जी रहा है। अमेरिका से डिपोर्ट होकर भारत लाए गए अनमोल बिश्नोई को दिल्ली की तिहाड़ जेल नंबर-4 में रखा गया है, जहां उसकी दिनचर्या पूरी तरह बदल चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, अनमोल अब रोज सुबह सूर्य नमस्कार करता है, योग की विभिन्न क्रियाएं सीख रहा है और ज्यादातर समय धार्मिक किताबें पढ़ने में बिताता है। कभी जो शख्स सुबह उठते ही गैंग के लिए टारगेट तय करता था, आज वह आत्मचिंतन और साधना में समय गुजार रहा है। जेल अधिकारियों का कहना है कि अनमोल शांत स्वभाव का है और वह जेल नियमों का पालन कर रहा है।
तिहाड़ की सबसे कड़ी सुरक्षा में बंद अनमोल
सूत्रों के अनुसार, अनमोल बिश्नोई को तिहाड़ जेल नंबर-4 में एक अलग सेल में रखा गया है। उसकी सुरक्षा को लेकर कोई भी ढिलाई नहीं बरती जा रही है। 24 घंटे CCTV कैमरों से उसकी निगरानी की जा रही है और सेल के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात हैं। जेल प्रशासन का मानना है कि अनमोल की पहचान एक हाई-रिस्क कैदी के रूप में है, इसलिए उसे अन्य कैदियों से पूरी तरह अलग रखा गया है। यहां तक कि उसके आसपास आने-जाने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जाती है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा इंतजाम इतने सख्त हैं कि उसके नजदीक कोई परिंदा भी पर नहीं मार सकता। यह फैसला जेल के भीतर संभावित गैंगवार और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए लिया गया है।
भारत पहुंचते ही भाई लॉरेंस को लेकर पहला सवाल
भारत पहुंचते ही अनमोल बिश्नोई भावनात्मक रूप से काफी बदला हुआ नजर आया। उसने सबसे पहले अपने बड़े भाई लॉरेंस बिश्नोई के बारे में पूछा कि वह कैसा है और उसकी हालत कैसी है। अनमोल और लॉरेंस के मिजाज में फर्क बताया जा रहा है। जहां लॉरेंस खुलकर अपनी बात रखने वाला माना जाता है, वहीं अनमोल कम बोलने वाला और ज्यादा गंभीर स्वभाव का है। हालांकि, धार्मिक आस्था के मामले में दोनों भाइयों को कट्टर माना जाता है। 12 दिसंबर को पटियाला हाउस कोर्ट ने अनमोल को न्यायिक हिरासत में भेजा था, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से उसे तिहाड़ जेल नंबर-4 में स्थानांतरित किया गया। कोर्ट और जांच एजेंसियां अनमोल से जुड़े मामलों की गहनता से पड़ताल कर रही हैं।
गैंगवार का खतरा और जेल के भीतर बढ़ता तनाव
तिहाड़ जेल में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कई विरोधी गैंग के सदस्य पहले से बंद हैं। इसी वजह से अनमोल को पूरी तरह अकेले सेल में रखा गया है, ताकि किसी भी तरह के टकराव या गैंगवार की स्थिति पैदा न हो। सूत्रों का कहना है कि जेल नंबर-4 को इसलिए चुना गया क्योंकि वहां लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कोई बड़ा दुश्मन मौजूद नहीं है। अनमोल की तिहाड़ में मौजूदगी से बिश्नोई गैंग के समर्थकों में खुशी की लहर है, जबकि विरोधी गैंग इसे एक मौके के रूप में देख रहे हैं। जेल प्रशासन हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि अनमोल की मौजूदगी से तिहाड़ के भीतर का माहौल संवेदनशील बना हुआ है। आने वाले दिनों में अनमोल बिश्नोई से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और तेज हो सकती है।
