बांग्लादेश में भारत विरोधी माहौल के बीच नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेता हसनत अब्दुल्लाह ने एक बार फिर भारत को लेकर विवादित बयान देकर सियासी हलचल तेज कर दी है। उन्होंने खुले मंच से कहा कि वह “ऑनसाइट सलाम” क्यों करें, जब भारत पर बांग्लादेश को अस्थिर करने के आरोप लग रहे हैं। हसनत दक्षिणी इकाई के मुख्य आयोजक हैं और आगामी आम चुनाव की तैयारी में जुटे हुए हैं। ऐसे समय में उनके इस बयान को महज राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि जानबूझकर भारत विरोधी भावनाओं को हवा देने की कोशिश माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश में इस वक्त जो माहौल बन रहा है, उसमें ऐसे बयान दोनों देशों के रिश्तों में और कड़वाहट घोल सकते हैं।
चुनाव से पहले भारत को निशाना
हसनत अब्दुल्लाह कुमिला-4 सीट से उम्मीदवार हैं और 12 फरवरी 2026 को होने वाले आम चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने भारत पर कई गंभीर आरोप लगाए। हसनत का दावा है कि भारत, बांग्लादेश की अवामी लीग से जुड़े कार्यकर्ताओं को पनाह दे रहा है, उन्हें ट्रेनिंग और आर्थिक मदद भी दी जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिना वैध दस्तावेजों के हजारों लोग भारत में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर सवाल खड़े होते हैं। हसनत ने भारत से सवाल करते हुए कहा कि आतंकवादियों को शरण देकर और बांग्लादेश में अशांति फैलाकर दोस्ताना रिश्तों की उम्मीद कैसे की जा सकती है। इन बयानों के बाद बांग्लादेश की राजनीति में भारत को लेकर बहस और तेज हो गई है।
पहले भी दे चुके हैं धमकी
यह पहली बार नहीं है जब हसनत अब्दुल्लाह ने भारत के खिलाफ तीखी भाषा का इस्तेमाल किया हो। इससे पहले भी वह भारत को खुलेआम धमकी दे चुके हैं। हसनत ने कहा था कि अगर बांग्लादेश को अस्थिर करने की कोशिश की गई, तो भारत के सात उत्तर-पूर्वी राज्यों, जिन्हें ‘सेवन सिस्टर्स’ कहा जाता है, को अलग करने की कोशिश की जाएगी और इसका असर पूरे क्षेत्र में देखने को मिलेगा। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी और कूटनीतिक तनाव बढ़ गया था। हसनत लगातार भारत पर बांग्लादेश के आंतरिक मामलों में दखल देने और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के आरोप लगाते रहे हैं। जानकारों के मुताबिक ऐसे बयान चुनावी फायदे के लिए दिए जा रहे हैं, लेकिन इससे क्षेत्रीय शांति को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है।
ढाका में भारत विरोधी प्रदर्शन
बांग्लादेश में भारत विरोधी भावनाएं सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सड़कों पर भी इसका असर दिखने लगा है। 17 दिसंबर 2025 को राजधानी ढाका में ‘जुलाई ओइक्या’ यानी जुलाई एकता के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग भारत विरोधी प्रदर्शन करते नजर आए। प्रदर्शनकारी भारतीय हाई कमीशन की ओर मार्च कर रहे थे और शेख हसीना तथा पिछले साल जुलाई विद्रोह के बाद देश छोड़कर भागे लोगों के प्रत्यर्पण की मांग कर रहे थे। हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने उत्तर बड्डा के हुसैन मार्केट के पास बैरिकेड लगाकर मार्च को रोक दिया। इन प्रदर्शनों और नेताओं के बयानों से साफ है कि बांग्लादेश में भारत को लेकर माहौल लगातार तनावपूर्ण होता जा रहा है, जिसका असर आने वाले चुनाव और दोनों देशों के रिश्तों पर भी पड़ सकता है।
