Friday, February 20, 2026
Homeदेशसफेद कोट में ब्लास्ट की साजिश? फरीदाबाद कॉलेज से दो AK-47 और...

सफेद कोट में ब्लास्ट की साजिश? फरीदाबाद कॉलेज से दो AK-47 और 350 किलो विस्फोट मिलने से मचा हड़कंप!

-

हरियाणा के फरीदाबाद जिले में स्थित एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज उस समय सुर्खियों में आ गया जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने वहां से दो AK-47 राइफलें और लगभग 350 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किए। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में गिरफ्तार एक डॉक्टर की निशानदेही पर की गई थी।

यह मामला केवल हथियार बरामदगी का नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा और शिक्षा संस्थानों के दुरुपयोग से जुड़ा गंभीर सवाल बन गया है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अनंतनाग में पकड़े गए डॉक्टर से पूछताछ के दौरान कुछ अहम सुराग मिले थे, जिनके आधार पर टीम हरियाणा पहुंची। फरीदाबाद के मेडिकल कॉलेज परिसर में की गई तलाशी के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध कमरे से दो आधुनिक AK-47 राइफलें, मैगजीन, कई राउंड गोलियां और करीब 350 किलो विस्फोटक पदार्थ मिला। यह मात्रा इतनी अधिक थी कि इसका उपयोग बड़े पैमाने पर धमाके या आतंकी हमले में किया जा सकता था।

डॉक्टर आदिल और एक अन्य चिकित्सक हिरासत में

इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने कॉलेज से जुड़े डॉ. आदिल नाम के एक चिकित्सक और उनके एक सहयोगी डॉक्टर को हिरासत में लिया है। दोनों डॉक्टरों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हथियार और विस्फोटक कॉलेज तक कैसे पहुँचे, और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था।

पुलिस के शुरुआती बयान के अनुसार, डॉक्टर आदिल का संबंध जम्मू-कश्मीर से बताया जा रहा है और वह कुछ समय से फरीदाबाद के इस कॉलेज में कार्यरत थे। उनकी गतिविधियों पर पहले किसी को शक नहीं हुआ, क्योंकि वह कॉलेज के एक जिम्मेदार चिकित्सक के रूप में जाने जाते थे।
हालांकि, जांच एजेंसियों को अब संदेह है कि मेडिकल कॉलेज का उपयोग गैरकानूनी गतिविधियों को छिपाने के लिए एक सुरक्षित स्थान के रूप में किया जा रहा था।

कॉलेज प्रशासन ने घटना पर हैरानी जताई है। प्रबंधन का कहना है कि कॉलेज की इमारतें और हॉस्टल नियमित रूप से जांच के दायरे में रहती हैं, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक का मिलना उनके लिए भी चौंकाने वाला है। कॉलेज के डीन ने बयान जारी करते हुए कहा, “हम पूरी तरह से जांच एजेंसियों के साथ हैं। अगर कोई भी कर्मचारी या छात्र इसमें शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

विस्फोटक की मात्रा से बढ़ी चिंता, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ हरियाणा पुलिस की संयुक्त टीम ने विस्फोटक और हथियारों को जब्त कर लिया है। सभी बरामद सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। प्राथमिक जांच में यह विस्फोटक RDX या अमोनियम नाइट्रेट आधारित मिश्रण बताया जा रहा है, जो बेहद शक्तिशाली माना जाता है। अगर यह पुष्टि हो जाती है, तो यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए अत्यंत गंभीर हो सकता है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने भी इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने के लिए रिपोर्ट मांगी है। शुरुआती आशंका है कि हथियार और विस्फोटक देश के बाहर से किसी स्मगलिंग चैनल के ज़रिए लाए गए हो सकते हैं और फरीदाबाद को एक ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल किया गया।

कॉलेज परिसर में जांच जारी, छात्रों में डर का माहौल

घटना के बाद से मेडिकल कॉलेज परिसर में तनाव और डर का माहौल है। छात्र और स्टाफ इस बात से स्तब्ध हैं कि जिस जगह पर मरीजों की सेवा और इलाज किया जाता है, वहां इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार कैसे छुपाए जा सकते हैं।

कई छात्रों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें इस तरह की किसी गतिविधि की कोई जानकारी नहीं थी। कुछ ने यह भी बताया कि पिछले कुछ हफ्तों से कॉलेज परिसर में कुछ अज्ञात लोगों का आना-जाना बढ़ गया था, लेकिन इसे सामान्य माना गया।

पुलिस ने अब कॉलेज के हॉस्टल, लैब और स्टाफ रूम्स की गहन तलाशी शुरू कर दी है। जांच में सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस समय और किन लोगों ने कॉलेज में संदिग्ध गतिविधियाँ कीं।

जांच एजेंसियां नेटवर्क की जड़ तक पहुँचने में जुटीं

इस मामले ने हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने अब तक कई जगहों पर छापेमारी की है और कुछ अन्य संदिग्धों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

एजेंसियों का ध्यान अब इस बात पर है कि क्या यह मामला किसी बड़े आतंकी संगठन या तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है, या यह किसी स्थानीय स्तर की आपराधिक गतिविधि का हिस्सा था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “फिलहाल हम हर एंगल से जांच कर रहे हैं। बरामदगी बड़ी है, लेकिन अभी निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। यह कहना अभी मुश्किल है कि विस्फोटक का इस्तेमाल कहाँ और कैसे किया जाना था।”

सुरक्षा पर सवाल और प्रशासन की नई रणनीति

इस घटना ने देश के मेडिकल और शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब कॉलेजों, हॉस्टलों और रिसर्च लैब्स में सुरक्षा जांच की नई नीति पर विचार कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला चेतावनी है कि शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों को भी सुरक्षा के नजरिए से उतना ही मजबूत बनाया जाए जितना सरकारी या रक्षा प्रतिष्ठानों को बनाया जाता है।

Read more-सनातन हिंदू एकता पद यात्रा: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और अनिरुद्धाचार्य साथ आए, बोले ‘अब भारत बनेगा हिंदू राष्ट्र…’

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts