मोहाली में कबड्डी खिलाड़ी की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। लालड़ू इलाके में पुलिस और कुख्यात गैंगस्टर हरपिंदर सिंह उर्फ मिद्दू के बीच हुई मुठभेड़ में आरोपी की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हरपिंदर सिंह उसी साजिश का हिस्सा था, जिसके तहत 15 दिसंबर को कबड्डी खिलाड़ी कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बालाचौरिया की गोली मारकर हत्या की गई थी। हालांकि वह सीधे तौर पर गोली चलाने वाले शूटरों में शामिल नहीं था, लेकिन पूरी वारदात की प्लानिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट में उसकी भूमिका बेहद अहम थी। मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम पर भी फायरिंग हुई, जिसमें दो जवान घायल हो गए। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। मोहाली के एसएसपी ने एनकाउंटर की पुष्टि करते हुए कहा कि आरोपी लंबे समय से पुलिस की रडार पर था।
कबड्डी खिलाड़ी की हत्या कैसे रची गई थी साजिश
जांच में सामने आया है कि कबड्डी खिलाड़ी कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बालाचौरिया को पूरी प्लानिंग के तहत निशाना बनाया गया था। 15 दिसंबर को हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। शुरुआती जांच में ही साफ हो गया था कि यह कोई सामान्य वारदात नहीं, बल्कि संगठित अपराध का मामला है। पुलिस के अनुसार हरपिंदर सिंह उर्फ मिद्दू शूटरों को सुरक्षित ठिकाने, वाहन और अन्य जरूरी मदद उपलब्ध करा रहा था। वह तरन तारन का रहने वाला था और पहले भी कई आपराधिक मामलों में उसका नाम सामने आ चुका था। पुलिस को इनपुट मिला था कि वह इलाके में ही छिपा हुआ है, जिसके बाद टीम ने घेराबंदी की और एनकाउंटर हुआ।
विदेश कनेक्शन और गिरफ्तारियों से खुलती परतें
इस हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे इसके तार विदेश तक जुड़ते चले गए। पुलिस के अनुसार एशदीप सिंह नाम का एक आरोपी 25 नवंबर को रूस से भारत लौटा था। वह पहले भी कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है और विदेश में रहकर नेटवर्क संभाल रहा था। जांच में सामने आया कि 14 दिसंबर को उसने टिकट बुक करवाई और 15 दिसंबर को हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गया। 16 दिसंबर को पुख्ता सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आईं, जिसके बाद जुगराज सिंह नाम के एक अन्य आरोपी को अमृतसर पुलिस के साथ मिलकर पकड़ा गया। अब तक इस केस में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक की एनकाउंटर में मौत हुई है।
पांच से छह आरोपियों की भूमिका, जांच जारी
पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि इस पूरी वारदात में पांच से छह लोग शामिल थे। इनमें से दो एक्टिव शूटर थे, जिन्होंने सीधे कबड्डी खिलाड़ी पर गोलियां चलाईं, जबकि बाकी आरोपी उन्हें हर स्तर पर सपोर्ट कर रहे थे। हरपिंदर सिंह उर्फ मिद्दू भी इन्हीं सपोर्ट करने वालों में शामिल था और पहले से ही पांच से छह आपराधिक मामलों में उसका नाम दर्ज था। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक और एक अन्य वाहन को भी बरामद कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस केस में अभी और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि नेटवर्क काफी बड़ा है। पंजाब पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कबड्डी खिलाड़ी की हत्या में शामिल हर व्यक्ति कानून के शिकंजे में आए और भविष्य में इस तरह की वारदातों पर लगाम लगाई जा सके।
