साउथ मुंबई से सामने आया यह मामला इंसानियत को झकझोर देने वाला है। 20 साल की एक दिव्यांग युवती, जो न बोल सकती है और न सुन सकती है, लंबे समय से अपने ही घर में शोषण का शिकार हो रही थी। यह दर्दनाक सच्चाई तब सामने आई जब पीड़िता ने अपनी दादी को इशारों में पेट में अजीब हरकत होने की शिकायत की। युवती ने बताया कि उसे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे पेट के अंदर कुछ चल रहा हो। परिवार वाले उसे तुरंत कामा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की जांच में पता चला कि वह करीब पांच महीने की गर्भवती है। यह जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने बिना देरी किए कफ परेड पुलिस को सूचना दी। यहीं से एक ऐसे मामले की परतें खुलनी शुरू हुईं, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया।
पिता ने झूठ से ढकने की कोशिश की सच्चाई
मुंबई पुलिस जांच के शुरुआती चरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पीड़िता का पिता ही पूरे मामले को दबाने की कोशिश करता नजर आया। 50 वर्षीय पिता ने दावा किया कि उसकी बेटी बचपन से ही मानसिक रूप से असमर्थ है और उसके साथ किसी तरह की गलत हरकत नहीं हुई है। चूंकि युवती अपनी स्थिति के कारण बयान देने में सक्षम नहीं थी, इसलिए शुरुआत में पुलिस के लिए सच्चाई तक पहुंचना आसान नहीं था। पिता ने यहां तक कह दिया कि वह किसी के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहता। हालांकि पुलिस ने संवेदनशीलता के साथ काउंसलिंग की व्यवस्था की। विशेष काउंसलर और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से पीड़िता को समझाया गया, जिसके बाद उसने इशारों के जरिए अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की सहमति दी। यहीं से पुलिस ने इस मामले को गंभीर अपराध मानते हुए विस्तृत जांच शुरू की।
17 लोगों के DNA सैंपल, हर एंगल से जांच
पीड़िता की शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की। इसमें ऐसी महिला के साथ दुष्कर्म, जो सहमति देने में सक्षम नहीं है, और मानसिक व शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति के यौन शोषण जैसी धाराएं शामिल की गईं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक यह अपराध 21 मार्च से 21 सितंबर 2025 के बीच हुआ, जबकि FIR 22 सितंबर 2025 को दर्ज की गई। जांच के दौरान पुलिस ने हर संभावित एंगल से पड़ताल की। शक के दायरे में आए 17 से ज्यादा लोगों के खून के नमूने लिए गए और उन्हें फॉरेंसिक लैब भेजा गया। इसके साथ ही गर्भ में पल रहे भ्रूण का भी DNA सैंपल लिया गया। पुलिस का कहना है कि यह जांच बेहद संवेदनशील थी, क्योंकि पीड़िता की स्थिति को देखते हुए किसी भी निर्दोष को फंसाना नहीं चाहती थी और न ही असली आरोपी को छोड़ना।
DNA रिपोर्ट ने रिश्ते को किया बेनकाब
27 जनवरी 2026 को फॉरेंसिक लैब से आई रिपोर्ट ने पूरे मामले में सनसनी फैला दी। DNA रिपोर्ट में साफ तौर पर सामने आया कि भ्रूण का DNA पीड़िता के पिता से मेल खाता है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने तुरंत आरोपी पिता को तलब कर सख्त पूछताछ की। सबूतों के सामने आने के बाद वह ज्यादा देर तक सच नहीं छिपा सका। गंभीर अपराध और लंबी सजा की आशंका को देखते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला यहीं खत्म नहीं होता। इससे पहले भी एक 34 वर्षीय शादीशुदा व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक 17 साल के नाबालिग को हिरासत में लिया गया था। आशंका जताई जा रही है कि इस जघन्य अपराध में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और पीड़िता को मेडिकल, कानूनी और मानसिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था, बल्कि समाज के सामने भी एक गंभीर सवाल खड़ा करता है।
