केरल, जिसे भारत का ‘फुटबॉल हब’ कहा जाता है, वहां इस वक्त भावनाओं का सैलाब नहीं बल्कि गुस्से का उबाल देखने को मिल रहा है। जिस लियोनेल मेसी को देखने के लिए लाखों आंखें महीनों से पलकें बिछाए बैठी थीं, उसी मेसी और उनकी विश्व विजेता टीम अर्जेंटीना पर अब ‘धोखाधड़ी’ के गंभीर आरोप लग रहे हैं। मामला कोई छोटा-मोटा नहीं बल्कि पूरे ₹250 करोड़ की भारी-भरकम राशि से जुड़ा है। केरल के खेल मंत्री वी अब्दुरहीमान के बयानों ने पूरे खेल जगत में हड़कंप मचा दिया है। खबर है कि टीम को भारत लाने के लिए तय की गई डील के बावजूद अर्जेंटीना ने ऐन वक्त पर पीठ दिखा दी, जिसके बाद अब केरल सरकार और आयोजक कानूनी कार्रवाई (Legal Action) की तैयारी में हैं।
करोड़ों का भुगतान और टूटा हुआ वादा: क्या है पूरा सच?
विवाद की जड़ें उन दावों में छिपी हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) के साथ एक पुख्ता करार हुआ था। खेल मंत्री वी अब्दुरहीमान के अनुसार, लियोनेल मेसी और उनकी टीम को केरल के कोच्चि या मलप्पुरम में एक फ्रेंडली मैच खेलने के लिए आमंत्रित किया गया था। इस मेगा इवेंट के लिए प्रायोजकों और विभिन्न स्रोतों से ₹250 करोड़ का फंड जुटाया गया था, जिसे कथित तौर पर अग्रिम भुगतान के रूप में ट्रांसफर भी कर दिया गया। फैंस को उम्मीद थी कि मार्च 2026 में नीली-सफेद जर्सी में मेसी केरल की धरती पर उतरेंगे। लेकिन जैसे-जैसे तारीख करीब आई, अर्जेंटीना की ओर से कोई पुख्ता जवाब नहीं मिला और अंततः टीम नहीं आई। अब मंत्री का कहना है कि यह केवल पैसों का नुकसान नहीं, बल्कि केरल की जनता के जज्बात के साथ किया गया एक बड़ा फ्रॉड है।
चुनावी माहौल में ‘मेसी विवाद’ की एंट्री
दिलचस्प बात यह है कि यह विवाद उस समय चरम पर पहुंचा है जब केरल विधानसभा चुनाव (9 अप्रैल 2026) के मुहाने पर खड़ा है। खेल मंत्री के आरोपों ने इसे एक राजनीतिक रंग भी दे दिया है। विपक्ष अब सरकार को घेरते हुए सवाल पूछ रहा है कि आखिर बिना किसी ठोस गारंटी के इतनी बड़ी रकम का लेनदेन कैसे हो गया? क्या यह वास्तव में अर्जेंटीना की ओर से की गई वादाखिलाफी है या फिर इसके पीछे कोई प्रशासनिक चूक छिपी है? मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा है कि केरल सरकार इस मामले को हल्के में नहीं लेगी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अगर अर्जेंटीना फुटबॉल टीम ने अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की और पैसे वापस नहीं किए, तो उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानूनी फोरम में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
फुटबॉल प्रेमी हुए मायूस
केरल में लियोनेल मेसी की दीवानगी का आलम यह है कि वहां उनके कटआउट्स और पोस्टर्स हर गली में मिल जाएंगे। लेकिन इस खबर के आने के बाद फैंस के बीच भारी निराशा और नाराजगी है। सोशल मीडिया पर #MessiKeralaControversy ट्रेंड कर रहा है। कई फैंस इसे ‘विश्वासघात’ बता रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि इसमें मेसी की सीधी भूमिका नहीं होगी बल्कि फुटबॉल एसोसिएशन के स्तर पर गड़बड़ी हुई है। हालांकि, ₹250 करोड़ जैसी भारी राशि के गायब होने की बात ने मेसी की ब्रांड वैल्यू पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय क्लबों और फुटबॉल प्रेमियों का कहना है कि अगर टीम को नहीं आना था, तो इतनी बड़ी रकम और उम्मीदें क्यों जगाई गईं? अब सभी की निगाहें अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) के आधिकारिक बयान पर टिकी हैं।
लीगल नोटिस और आगे की राह: क्या वापस मिलेंगे पैसे?
यदि लिखित अनुबंध (Contract) में मैच खेलने की बाध्यता थी और भुगतान के प्रमाण मौजूद हैं, तो केरल सरकार के पास अर्जेंटीना की टीम को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में घसीटने का पूरा अधिकार है। खेल विभाग के सूत्रों के अनुसार, वकीलों की एक टीम पहले ही ड्राफ्ट तैयार कर चुकी है। मांग यह की जा रही है कि या तो टीम आने वाले समय में मैच खेलने की नई तारीख दे या फिर पूरी राशि ब्याज सहित वापस करे। यह मामला अब केवल दो देशों के बीच के खेल संबंधों का नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़ा वित्तीय घोटाला बनता जा रहा है। खेल मंत्री ने साफ कर दिया है कि वे ‘धोखे’ का यह दाग केरल के माथे पर नहीं लगने देंगे और पाई-पाई का हिसाब लेकर रहेंगे।
