हैदराबाद के जवाहर नगर थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। 40 वर्षीय अंजू मई 2025 में अचानक लापता हो गई थीं। शुरुआती दिनों में परिवार ने जवाहर नगर और बोलारम थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिला। पड़ोसियों को भी किसी तरह की कोई आशंका नहीं थी।
गहन जांच के दौरान पुलिस ने खुलासा किया कि अंजू की हत्या उनकी बेटी और उसके प्रेमी ने मिलकर की थी। जानकारी मिली कि युवती अपनी मां को अपने प्रेम संबंध में बाधा मानती थी और इसी कारण उसने अपने प्रेमी के साथ हत्या की योजना बनाई। हत्या के बाद, आरोपियों ने शव को घर के भीतर ही दबा दिया और करीब एक साल तक सामान्य जीवन जीते रहे।
हत्या और आरोपियों का चालाकी से छिपना
पुलिस के अनुसार, हत्या की योजना बहुत सोची-समझी थी। दोनों आरोपियों ने अंजू की हत्या घर के अंदर की और संभावित संदेह से बचने के लिए शव उसी घर में छिपा दिया। साल भर तक यह राज छिपा रहा और किसी को इसका पता नहीं चला। स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और पड़ोसी कहते हैं कि उन्हें कभी अंदेशा नहीं था कि बेटी अपनी ही मां के साथ इतना क्रूर व्यवहार कर सकती है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी युवती और उसका प्रेमी पूरे समय सावधानी बरतते रहे, लेकिन आखिरकार जांच में सुराग सामने आने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने शव को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की जांच अब भी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को सामने लाने में जुटी है।
पड़ोसियों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और पड़ोसियों का कहना है कि उन्हें कभी नहीं लगा कि एक बेटी अपनी ही मां की हत्या कर सकती है। लोग इस घटना को सुनकर स्तब्ध और भयभीत हैं। पड़ोसियों का कहना है कि अगर परिवार और पड़ोस में सतर्कता होती तो शायद इतने लंबे समय तक यह घटना छिपी नहीं रहती।
सोशल मीडिया पर भी यह खबर तेजी से वायरल हो रही है। लोग इसे क्रूर और चौंकाने वाला मामला बता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में घरेलू समस्याओं और पारिवारिक तनावों का ध्यान रखना जरूरी है, ताकि किसी प्रकार की हिंसक घटना को रोका जा सके।
पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। शव को बाहर निकालने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि मामले में कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ अपराध के कारणों और मानसिक स्थिति की जांच भी की जाएगी।
मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि घर के भीतर भी सुरक्षा और सतर्कता बेहद जरूरी है, और परिवार के अंदर रिश्तों की नाजुकता पर ध्यान न देने से गंभीर अपराधों को बढ़ावा मिल सकता है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए समुदाय और प्रशासन दोनों को मिलकर कदम उठाने होंगे।
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