झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले से बड़ी खबर सामने आई है। यहां सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच गुरुवार को भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें 16 माओवादी मारे गए। इस मुठभेड़ में एक बड़ा नक्सली नेता भी शामिल था, जिसकी लंबे समय से तलाश चल रही थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस ऑपरेशन को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस ने मिलकर यह संयुक्त अभियान चलाया था। सुरक्षाबलों के मुताबिक, यह कार्रवाई किरीबुरु थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सारंडा जंगल के कुमडी इलाके में की गई। इस अभियान को झारखंड में माओवादियों के खिलाफ सबसे बड़े ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ के बाद इलाके में सुरक्षा और तलाशी अभियान को और तेज कर दिया गया है।
अनल उर्फ पतिराम मांझी भी मारा गया, 2.35 करोड़ का था इनाम
इस मुठभेड़ में मारा गया सबसे बड़ा नाम पतिराम मांझी उर्फ “अनल दा” बताया जा रहा है। सुरक्षाबलों के अनुसार, वह माओवादियों की सेंट्रल कमेटी का सदस्य था और उस पर 2.35 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। सीआरपीएफ के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) साकेत कुमार सिंह ने बताया कि माओवादियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 15 शवों में से 11 की पहचान हो चुकी है, जबकि बाकी चार की पहचान की प्रक्रिया जारी है। इस ऑपरेशन में पांच महिला नक्सलियों के मारे जाने की भी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह मुठभेड़ करीब 7 घंटे तक चली और देर शाम तक रुक-रुक कर फायरिंग की स्थिति बनी रही। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इलाके में बाकी नक्सली अभी भी छिपे हुए हैं या भाग चुके हैं।
सीआरपीएफ-झारखंड पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन, 1500 जवानों की तैनाती
अधिकारियों के मुताबिक, इस बड़े अभियान में सीआरपीएफ की कोबरा यूनिट के करीब 1,500 जवान शामिल थे। कोबरा यूनिट को नक्सल प्रभावित इलाकों में ऑपरेशन के लिए खास तौर पर तैयार किया जाता है। बताया जा रहा है कि यह अभियान काफी पहले से प्लान किया गया था और सुरक्षाबलों को नक्सलियों की मौजूदगी की पक्की सूचना मिली थी। इसी आधार पर सारंडा के घने जंगलों में संयुक्त कार्रवाई शुरू की गई। पश्चिम सिंहभूम का यह इलाका लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ माना जाता रहा है, इसलिए यहां ऑपरेशन करना बेहद चुनौतीपूर्ण बताया जा रहा है। मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी और सर्च ऑपरेशन जारी रखा। मौके से हथियार और अन्य सामान भी मिलने की बात कही जा रही है, हालांकि इस पर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
अमित शाह की अपील—हिंसा छोड़ो, विकास की मुख्यधारा से जुड़ो
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस अभियान के बाद नक्सलियों से एक बार फिर हिंसा छोड़ने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि पश्चिम सिंहभूम में हुए ऑपरेशन से नक्सलमुक्त अभियान को बड़ी सफलता मिली है। अमित शाह ने कहा कि जो लोग अभी भी हिंसा, आतंक और हथियारों की राह पर हैं, उन्हें यह रास्ता छोड़कर विकास और विश्वास की मुख्यधारा में शामिल होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि देश से नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 से पहले समाप्त कर दिया जाए। इस बयान के बाद एक बार फिर नक्सल प्रभावित राज्यों में सुरक्षा रणनीति और सरकार के अभियान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां इस ऑपरेशन से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं और इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
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