फाजिल्का जिले के गांव मुरादवाला दल सिंह में बच्चों के लिए खेल का मैदान अचानक खौफनाक बन गया। गांव के खेल मैदान में लगे रतनजोत के पौधे के जहरीले फल खाने से 10-12 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों ने खेलते समय फल तोड़कर खा लिया, जिसके तुरंत बाद उल्टी, चक्कर और बेचैनी जैसी शिकायतें शुरू हो गईं। बच्चों के रोते-बिलखते आवाज सुनकर आसपास के लोग घबरा गए और तत्काल उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। विभिन्न अस्पतालों में 7 बच्चों को फाजिल्का के सरकारी अस्पताल लाया गया, जबकि बाकी बच्चों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है। बच्चों की अचानक बिगड़ी तबीयत ने गांव में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। इस घटना ने न सिर्फ माता-पिता को परेशान कर दिया बल्कि पूरे गांव में सुरक्षा और बच्चों की देखभाल के प्रति चेतावनी का संदेश भी भेजा।
अस्पताल में बचाव और इलाज की प्रक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल की मेडिकल टीम सक्रिय हो गई। फाजिल्का के सरकारी अस्पताल के एस.एम.ओ. डॉक्टर एरिक ने बताया कि बच्चों में फूड पॉइज़निंग और जहरीले फल खाने के लक्षण पाए गए। उनकी हालत पर नजर रखते हुए प्राथमिक उपचार तुरंत शुरू कर दिया गया। एक बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण उसे फरीदकोट मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जबकि बाकी बच्चों का इलाज अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि यदि समय पर बच्चों को अस्पताल नहीं लाया जाता, तो यह मामला और गंभीर हो सकता था। चिकित्सकों का कहना है कि जहरीले पौधों के प्रति जागरूकता और बच्चों को ऐसे पौधों से दूर रखने की जरूरत है।
गांव में माता-पिता और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। माता-पिता अपने बच्चों की सेहत को लेकर बेहद चिंतित हैं। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर ग्रामीण प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे जहरीले पौधों को हटाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। ग्रामीणों ने यह भी जोर देकर कहा कि स्कूलों और खेल मैदानों के आसपास बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने की आवश्यकता है। वे चेतावनी दे रहे हैं कि यदि प्रशासन जल्द कदम नहीं उठाता, तो भविष्य में और बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
प्रशासन की ओर से संभावित कदम और भविष्य की सुरक्षा
फाजिल्का प्रशासन ने फिलहाल स्थिति को गंभीरता से लेते हुए बच्चों के इलाज की निगरानी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी घटनास्थल का दौरा कर रहे हैं और जहरीले पौधों की पहचान कर उन्हें हटाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा, बच्चों और माता-पिता को पौधों के खतरे के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की योजना है। रतनजोत जैसे पौधे बच्चों के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं। इसलिए सभी स्कूलों, खेल मैदानों और सार्वजनिक जगहों पर ऐसे पौधों की नियमित जांच और निगरानी की जानी चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोककर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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