Homeदेशयमुना के बाद मंदाकिनी नदी में पलटी श्रद्धालुओं से भरी नाव, तभी...

यमुना के बाद मंदाकिनी नदी में पलटी श्रद्धालुओं से भरी नाव, तभी पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

चित्रकूट के रामघाट पर मंदाकिनी नदी में नाव पलटने से मची अफरा-तफरी। पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता से सभी श्रद्धालुओं की जान बची, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।

-

धार्मिक नगरी चित्रकूट के प्रसिद्ध Ramghat पर शनिवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब Mandakini River में श्रद्धालुओं से भरी एक नाव अचानक पलट गई। यह घटना संध्याकालीन आरती के दौरान हुई, जब घाट पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। जैसे ही नाव असंतुलित होकर पानी में उलटी, उसमें सवार सभी श्रद्धालु नदी में गिर पड़े। कुछ ही क्षणों में वहां चीख-पुकार गूंजने लगी और माहौल बेहद भयावह हो गया। आसपास मौजूद लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर अचानक यह हादसा कैसे हो गया।

दिल्ली से आए श्रद्धालु थे सवार

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नाव में सवार श्रद्धालुओं का एक समूह New Delhi से चित्रकूट दर्शन के लिए आया था। वे आरती का नजारा देखने के लिए नाव पर सवार हुए थे। नाव का संचालन स्थानीय नाविक रमेश केवट कर रहे थे, जो उत्तर प्रदेश के कटरा गुदर गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार हो गए थे, जिसके कारण संतुलन बिगड़ गया और नाव अचानक पलट गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और सभी लोग सीधे नदी में जा गिरे।

पुलिस और स्थानीय लोगों की बहादुरी से बचीं जानें

हादसे के तुरंत बाद मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने अद्भुत साहस और सतर्कता दिखाई। बिना देर किए पुलिस जवान नदी में कूद पड़े और डूब रहे श्रद्धालुओं को बचाने में जुट गए। स्थानीय नाविकों और आसपास मौजूद लोगों ने भी इस बचाव कार्य में पूरा सहयोग किया। एक-एक कर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। बचाए गए लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अगर पुलिस और स्थानीय लोग तुरंत कार्रवाई नहीं करते, तो यह हादसा बहुत बड़ा रूप ले सकता था।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद रामघाट पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरती के समय यहां रोजाना भारी भीड़ जुटती है, लेकिन नावों की क्षमता और सुरक्षा मानकों की सही तरीके से जांच नहीं होती। कई बार बिना लाइफ जैकेट और जरूरी इंतजामों के ही श्रद्धालुओं को नाव में बैठा दिया जाता है। इस घटना के बाद प्रशासन से सख्त नियम लागू करने और नियमित जांच की मांग उठ रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है।

Read More-बिहार में CM फेस को लेकर अचानक बदल गया माहौल! पोस्टरों में दिखा नया नाम, क्या सच में बदलने वाला है नेतृत्व?

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts