जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य स्पष्ट है—एक सीजफायर हो और युद्ध जल्द से जल्द समाप्त हो। उमर अब्दुल्ला ने सोमवार (30 मार्च, 2026) को कहा, “हम चाहते हैं कि जंग रुके। इसमें जो रोल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अदा कर सकते हैं, शायद और कोई नहीं कर सकता। उनके इन देशों के साथ अच्छे ताल्लुकात हैं और उनका इस्तेमाल करना समय की मांग है।”
सीएम ने अपने बयान में यह भी कहा कि विश्व राजनीति में कई बार ऐसे मौके आते हैं जब किसी एक नेता के कूटनीतिक प्रयास युद्ध को रोक सकते हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत को स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए और किसी भी तरह की हिंसा को बढ़ने से रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।
ईरान पर किसी का कब्जा नहीं रहा
सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ईरान पर पिछले दशकों में किसी ने स्थायी नियंत्रण नहीं बनाया। उन्होंने कहा, “ट्रंप साहब चाहे जितनी भी ताकत दिखाएं, यह इतना आसान नहीं है कि बिना सोच-समझे किसी हमला किया जा सके। ईरान पर सालों तक किसी ने राज नहीं किया। इसलिए युद्ध को यहीं पर रोक देना और एक सीजफायर की घोषणा करना सबसे बेहतर विकल्प है।”
उमर अब्दुल्ला ने यह भी जोड़ा कि जंग के दौरान किसी भी तरह का त्वरित सैन्य कदम गंभीर परिणाम दे सकता है। उनके अनुसार, कूटनीति और वार्ता का रास्ता ही स्थायी समाधान की ओर ले जा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक क्षमता की सराहना की और कहा कि ऐसे तनावपूर्ण समय में भारत के पास विश्वस्तरीय नेतृत्व है।
पाकिस्तान और मध्यस्थता पर टिप्पणी
सीएम ने पाकिस्तान द्वारा ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा, “मैं इस मामले में किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं करना चाहता कि पाकिस्तान क्या करे या न करे। मेरा सिर्फ इतना कहना है कि कोई भी देश, जो युद्ध रोकने में योगदान दे सकता है, उसे करना चाहिए। यदि इस प्रक्रिया में भारत बेहतर भूमिका निभा सकता है, तो हमें पीछे नहीं हटना चाहिए।”
उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि युद्ध में रोके जाने की दिशा में किसी भी देश की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान ने अपने अच्छे रिश्तों का फायदा उठाया और इससे जंग रुक गई, तो हमें इससे आपत्ति नहीं करनी चाहिए। उनका मानना है कि सभी देशों का कूटनीतिक प्रयास सामूहिक शांति की दिशा में होना चाहिए।
भारत की भूमिका और प्रधानमंत्री मोदी का योगदान
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास संबंधित देशों के साथ लंबे समय से अच्छे संबंध हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर भारत अपनी कूटनीतिक भूमिका बेहतर तरीके से निभाए, तो यह युद्ध की विभीषिका को कम करने में मददगार होगा। सीएम ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी का रोल इस क्षेत्र में निर्णायक हो सकता है। अगर हम और कोई बेहतर रोल अदा कर सकते हैं, तो हमें इसे करना चाहिए।”
सीएम ने यह भी कहा कि जंग को रोकने और शांति स्थापित करने में किसी भी उपाय से पीछे नहीं हटना चाहिए। उनका कहना था कि यह समय केवल आलोचना करने का नहीं, बल्कि सक्रिय योगदान देने का है। उमर अब्दुल्ला ने अंत में सभी देशों से अपील की कि युद्ध के बजाय संवाद और कूटनीति के रास्ते को अपनाएं।
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