महाराष्ट्र में एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल का हेलीकॉप्टर निर्धारित हेलीपैड की बजाय गलत जगह उतर गया। यह घटना खानवाड़ी गांव में हुई, जहां मंत्री एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर हेलीपैड से कुछ दूरी पर स्थित वाहन पार्किंग क्षेत्र में उतर गया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि मंत्री, पायलट और आसपास मौजूद लोग पूरी तरह सुरक्षित रहे और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
धूल और कम दृश्यता बनी वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लैंडिंग के दौरान हेलीकॉप्टर के रोटर से उठी धूल के कारण दृश्यता काफी कम हो गई थी। इसी वजह से पायलट सही हेलीपैड को पहचान नहीं सका और पास के खाली स्थान को ही सुरक्षित समझकर वहां हेलीकॉप्टर उतार दिया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि हेलीकॉप्टर तय स्थान से हटकर दूसरी जगह उतर रहा है। स्थानीय पुलिस ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए पायलट को सही लोकेशन की जानकारी दी, जिसके बाद हेलीकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से असली हेलीपैड तक पहुंचाया गया।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
इस घटना के बाद इलाके के लोगों ने नाराजगी जताई और इसे लापरवाही बताया। उनका कहना है कि यदि वहां ज्यादा भीड़ होती या वाहन पास खड़े होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया कि जब कार्यक्रम पहले से तय था, तो सुरक्षा और लैंडिंग की उचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई। प्रशासन ने फिलहाल इस मामले में जांच के संकेत दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चूक किस स्तर पर हुई। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया, जिससे किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई।
पुणे महाराष्ट्र से एक बड़ी खबर सामने आई है.
महाराष्ट्र के फूड और सिविल सप्लाई मिनिस्टर छगन भुजबल का हेलीकॉप्टर पुणे जिले के पुरंदर तालुका के खानवाड़ी गांव में एक कार पार्किंग एरिया में सीधे लैंड हो गया.
पायलट ने स्टैंडर्ड सेफ्टी प्रोटोकॉल को नजरअंदाज करते हुए हेलीकॉप्टर को कार… pic.twitter.com/aqhUsjbeXn
— Abhinaw Tripathi (@AbhinawKTri) April 11, 2026
पहले भी उठ चुके हैं हेलीकॉप्टर सुरक्षा पर सवाल
गौरतलब है कि हाल के दिनों में हेलीकॉप्टर सुरक्षा को लेकर कई घटनाएं सामने आई हैं। कुछ दिन पहले ही मालदा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हेलीकॉप्टर के पास एक ड्रोन उड़ता देखा गया था, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी। उस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया था। ऐसे लगातार सामने आ रहे मामलों ने वीवीआईपी उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए बेहतर समन्वय, तकनीकी सुधार और सख्त निगरानी की जरूरत है।
