भीलवाड़ा जिले के बेगूं उपखंड क्षेत्र के पारसोली इलाके में एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, गांव कितीयास में मधुमक्खियों के अचानक हमले से अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में 80 वर्षीय बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया। यह घटना यहीं तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके बाद जो हुआ उसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया।
अंतिम संस्कार के दौरान फिर हमला
मामला उस वक्त और भयावह हो गया जब मृतक के अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों ने दोबारा हमला कर दिया। श्मशान घाट पर मौजूद लोग अचानक हुए हमले से घबरा गए और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस दूसरे हमले में करीब 50 लोग घायल हो गए, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान एक और बुजुर्ग की मौत हो गई। इस तरह यह घटना दोहरी त्रासदी में बदल गई, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया।
प्रशासन और राहत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और मेडिकल टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया। घायलों का इलाज नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र और बड़े अस्पतालों में किया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों में रेफर किया गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अंतिम संस्कार के लिए विशेष इंतजाम किए, जिसमें कुछ लोगों को सुरक्षा के तौर पर पीपीई किट पहनाकर श्मशान भेजा गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों को तेज किया।
दहशत और उठते सवाल
इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर और दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद शुरुआत में बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए, जिससे नुकसान ज्यादा हुआ। स्थानीय लोग प्रशासन के रवैये पर सवाल उठा रहे हैं और बेहतर आपात व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए पहले से तैयारी और जागरूकता बेहद जरूरी है। फिलहाल गांव में सतर्कता बढ़ा दी गई है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
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