मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच एक दुखद खबर सामने आई है। इराक के बसरा तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार 11 मार्च 2026 को अमेरिकी कंपनी से जुड़े क्रूड ऑयल टैंकर Safesea Vishnu पर हमला हुआ था। यह जहाज मार्शल आइलैंड्स के झंडे के तहत संचालित हो रहा था और उस समय इराकी जल क्षेत्र में मौजूद था। हमले के दौरान जहाज पर मौजूद एक भारतीय नाविक की जान चली गई, जबकि बाकी 15 भारतीय क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया। इस घटना की पुष्टि बगदाद स्थित भारतीय दूतावास ने की है। दूतावास ने बताया कि बचाए गए सभी भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है और उनकी स्थिति फिलहाल ठीक बताई जा रही है।
भारतीय दूतावास ने संभाला मोर्चा
हमले की जानकारी मिलते ही इराक में मौजूद भारतीय दूतावास ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। दूतावास के अधिकारियों ने इराकी प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों से संपर्क कर जहाज पर मौजूद भारतीय नागरिकों की स्थिति की जानकारी ली। दूतावास ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वह लगातार इराकी अधिकारियों के संपर्क में है और बचाए गए भारतीय नाविकों को हर संभव सहायता दी जा रही है। इसके अलावा भारतीय अधिकारियों ने जहाज से निकाले गए नाविकों से बातचीत भी की है ताकि उनकी सुरक्षा और जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जा सके। दूतावास ने इस हमले में मारे गए भारतीय क्रू मेंबर के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। हालांकि फिलहाल मृतक नाविक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
मिडिल ईस्ट युद्ध का समुद्री रास्तों पर असर
पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। खाड़ी क्षेत्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से रोजाना बड़ी मात्रा में कच्चा तेल अलग-अलग देशों तक पहुंचाया जाता है। Safesea Vishnu टैंकर पर हुआ हमला इसी बढ़ते तनाव का उदाहरण माना जा रहा है। इससे यह भी साफ होता है कि क्षेत्र में जारी संघर्ष का असर केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ रहा है।
भारत सरकार स्थिति पर रखे हुए है नजर
इस घटना के बाद भारत सरकार ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार सरकार खाड़ी क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जिनके बड़ी संख्या में नागरिक अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर काम करते हैं। ऐसे में किसी भी समुद्री हमले का सीधा असर भारतीय नाविकों पर पड़ सकता है। यही वजह है कि सरकार इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से ले रही है और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल बचाए गए भारतीय नाविक सुरक्षित बताए जा रहे हैं। भारतीय दूतावास लगातार उनसे संपर्क में है और उनकी वापसी या आगे की व्यवस्था को लेकर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
