दिल्ली पुलिस ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए AI समिट शर्टलेस प्रोटेस्ट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस टीम ने तड़के करीब 4:30 बजे उनके ठिकाने पर पहुंचकर उन्हें हिरासत में लिया और बाद में औपचारिक गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी की। बताया जा रहा है कि उन्हें आज सुबह कोर्ट में पेश किया जा सकता है। यह कार्रवाई उस घटना से जुड़ी है, जिसमें AI समिट शर्टलेस प्रोटेस्ट के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बिना शर्ट पहने कार्यक्रम स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस का कहना है कि यह प्रदर्शन पूर्व नियोजित था और इससे सार्वजनिक शांति भंग हुई। गिरफ्तारी के बाद से राजधानी की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और कांग्रेस ने इसे सरकार की दमनकारी कार्रवाई बताया है।
AI समिट में कैसे हुआ ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’?
पिछले सप्ताह राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान अचानक कुछ युवा कार्यकर्ता बिना शर्ट पहने कार्यक्रम स्थल के पास पहुंच गए और सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। AI समिट शर्टलेस प्रोटेस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि देश में बढ़ती बेरोजगारी, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार जवाब नहीं दे रही है। पुलिस के मुताबिक, इस विरोध के दौरान कार्यक्रम की व्यवस्था प्रभावित हुई और कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। अब तक इस मामले में कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का दावा है कि AI समिट शर्टलेस प्रोटेस्ट सिर्फ अचानक हुआ विरोध नहीं था, बल्कि इसके पीछे संगठित योजना हो सकती है। इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है और डिजिटल साक्ष्य भी खंगाले जा रहे हैं।
कांग्रेस का पलटवार, सरकार पर गंभीर आरोप
इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं का कहना है कि युवा बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे अपराध की तरह पेश करना गलत है। कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल ने कहा कि जब संसद में सवालों के जवाब नहीं मिलते और युवाओं की समस्याएं अनसुनी रह जाती हैं, तब शांतिपूर्ण विरोध ही एक रास्ता बचता है। उन्होंने AI समिट शर्टलेस प्रोटेस्ट को “छोटा और प्रतीकात्मक प्रदर्शन” बताया और कहा कि लाखों बेरोजगार युवाओं की पीड़ा के मुकाबले यह विरोध बहुत सीमित था। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार आलोचना से घबराकर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बयानबाजी के बीच AI समिट शर्टलेस प्रोटेस्ट का मुद्दा अब राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
जांच में ‘बड़ी साजिश’ की आशंका, आगे क्या?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कुछ ऐसे संकेत मिले हैं जिनसे AI समिट शर्टलेस प्रोटेस्ट के पीछे बड़ी साजिश की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन बताया जा रहा है कि आयोजकों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों की एंट्री को लेकर कई बिंदुओं पर जांच हो रही है। उदय भानु चिब को तिलक मार्ग थाने में रखा गया था, जहां उनसे देर रात तक पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में पूरा सहयोग नहीं मिला, जबकि कांग्रेस इस आरोप को खारिज कर रही है। आने वाले दिनों में अदालत की कार्यवाही और पुलिस की चार्जशीट इस मामले की दिशा तय करेगी। फिलहाल AI समिट शर्टलेस प्रोटेस्ट ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या युवाओं की नाराजगी अब बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप ले सकती है, या फिर यह मामला कानूनी दायरे में ही सीमित रह जाएगा। राजधानी की सियासत में इस गिरफ्तारी ने नया मोड़ ला दिया है और सभी की नजरें अब कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
