महीने की शुरुआत के साथ ही कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 1 अप्रैल से 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। इसके बाद राजधानी दिल्ली में इसकी कीमत 2078.50 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी कीमतों में भारी इजाफा हुआ है। सिर्फ एक महीने में ही कुल बढ़ोतरी 300 रुपये से ज्यादा हो चुकी है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ गई है।
सरकार बोली- बाजार तय करता है कीमत
सरकार ने इस बढ़ोतरी पर साफ किया है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम उसके नियंत्रण में नहीं होते। ये पूरी तरह बाजार आधारित होते हैं और हर महीने अंतरराष्ट्रीय कीमतों के हिसाब से बदलते हैं। सरकार का कहना है कि इन सिलेंडरों का इस्तेमाल घरेलू रसोई में नहीं बल्कि व्यवसायिक गतिविधियों में होता है, इसलिए इनके दाम में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है। इस बयान के बाद साफ हो गया है कि आगे भी कीमतों में बदलाव जारी रह सकता है।
मिडिल ईस्ट तनाव का सीधा असर
इस बार कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई उथल-पुथल बताई जा रही है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सप्लाई प्रभावित होने से एलपीजी की वैश्विक आपूर्ति पर दबाव पड़ा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, दुनिया की करीब 20-30 प्रतिशत एलपीजी सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। ऐसे में सप्लाई चेन प्रभावित होने से कीमतों का बढ़ना तय था, जिसका असर अब भारत में भी दिख रहा है।
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत, कंपनियों पर बोझ
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस उपभोक्ताओं को फिलहाल इस बढ़ोतरी से बचाया गया है। आंकड़ों के अनुसार, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर घरेलू सिलेंडर पर करीब 380 रुपये का नुकसान झेल रही हैं। अनुमान है कि यह घाटा आने वाले समय में और बढ़ सकता है। सरकार का दावा है कि आम जनता पर बोझ न पड़े, इसलिए यह नुकसान कंपनियां और सरकार मिलकर उठा रही हैं। साथ ही भारत में गैस की कीमतें पड़ोसी देशों के मुकाबले अब भी कम बताई जा रही हैं।
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