राजस्थान के भिवाड़ी क्षेत्र में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब खैरथल-तिजारा के खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे में अब तक 7 मजदूरों के जिंदा जलने की पुष्टि हुई है, जबकि 10 से अधिक लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के समय फैक्ट्री के भीतर करीब 20 से 25 मजदूर काम कर रहे थे। आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह करीब काम शुरू होने के कुछ समय बाद ही फैक्ट्री से धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग की लपटें पूरी यूनिट में फैल गईं। फैक्ट्री में केमिकल पदार्थ होने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। आसपास की अन्य फैक्ट्रियों के कर्मचारी भी बाहर निकल आए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
राहत-बचाव अभियान जारी
आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। दमकल कर्मी आग पर काबू पाने के साथ-साथ अंदर फंसे मजदूरों की तलाश में जुटे हुए हैं।
कुछ मजदूरों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। बाहर निकले मजदूरों ने बताया कि आग अचानक भड़की और कुछ ही मिनटों में पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं और गर्मी के कारण अंदर रहना मुश्किल हो गया। कई मजदूर अंदर ही फंस गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन ने एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को अलर्ट पर रखा है।
केमिकल फैक्ट्री में सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
भिवाड़ी भीषण हादसे के बाद फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग किसी केमिकल रिएक्शन या शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इंडस्ट्रियल एरिया में कई फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों का पालन ठीक से नहीं होता। अगर समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते तो शायद इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। फैक्ट्री प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है कि क्या अग्निशमन उपकरण पर्याप्त मात्रा में मौजूद थे और क्या मजदूरों को आपात स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग दी गई थी या नहीं।
परिवारों में मातम, प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
भिवाड़ी हादसे की खबर मिलते ही मजदूरों के परिजन मौके पर पहुंचने लगे। फैक्ट्री के बाहर चीख-पुकार और रोते-बिलखते परिवारों का दर्दनाक मंजर देखने को मिला। प्रशासन ने मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है और परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कहा है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इंडस्ट्रियल एरिया की अन्य फैक्ट्रियों की भी सुरक्षा जांच की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
भिवाड़ी की इस केमिकल फैक्ट्री में लगी आग ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सभी की नजरें राहत और बचाव कार्य पर टिकी हैं, क्योंकि अंदर फंसे मजदूरों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद अभी भी बाकी है।
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