Wednesday, February 4, 2026
Homeदेशसत्ता के लिए पिता बना कातिल! पंचायत चुनाव की चाह में 6...

सत्ता के लिए पिता बना कातिल! पंचायत चुनाव की चाह में 6 साल की मासूम को उतारा मौत के घाट

पंचायत चुनाव में दो-बच्चा नियम से बचने के लिए एक पिता ने अपनी 6 साल की बेटी की हत्या कर दी। नांदेड़ से तेलंगाना तक फैली इस खौफनाक साजिश में गांव का सरपंच भी शामिल था। पढ़िए पूरी घटना

-

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से सामने आया यह मामला इंसानियत को झकझोर देने वाला है। पंचायत चुनाव लड़ने की लालसा ने एक पिता को इस कदर अंधा कर दिया कि उसने अपनी ही 6 साल की बेटी की जान ले ली। आरोपी पिता अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार था। यह दिल दहला देने वाली वारदात तब और भयावह हो जाती है, जब पता चलता है कि बच्ची का शव महाराष्ट्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर तेलंगाना के निजामाबाद जिले की एक नहर से बरामद हुआ। पुलिस जांच में साफ हुआ कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि पूरी तरह से सोची-समझी हत्या थी। मासूम बच्ची की मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है और लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या सत्ता की चाह इंसान को इतना निर्दयी बना सकती है।

दो-बच्चा नियम बना हत्या की वजह

पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान पांडुरंग कोंडमंगले (28) के रूप में हुई है, जो नांदेड़ जिले के मुखेड तालुका के केरूर गांव का रहने वाला है। वह गांव में नाई की दुकान चलाता था और पंचायत चुनाव लड़ने का सपना देख रहा था। लेकिन महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए लागू दो-बच्चा नियम उसके रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बन गया। पांडुरंग के तीन बच्चे थे—एक तीन साल का बेटा और 6 साल की जुड़वां बेटियां। कानून के मुताबिक, तीन बच्चों वाला व्यक्ति पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकता। इसी नियम से बचने के लिए उसने अपनी एक बेटी को “हटाने” का खौफनाक फैसला कर लिया। पुलिस का कहना है कि यह हत्या अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे कई दिनों की योजना और सोच शामिल थी, जो इस अपराध को और भी जघन्य बना देती है।

सरपंच की सलाह से बनी हत्या की साजिश

जांच में सामने आया कि पांडुरंग ने इस अमानवीय कदम से पहले गांव के मौजूदा सरपंच गणेश रामचंद्र शिंदे से सलाह ली थी। दोनों ने पहले बच्ची को गोद देने या कहीं छोड़ देने जैसे विकल्पों पर विचार किया, लेकिन बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र पहले से ही सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होने की वजह से यह रास्ता आसान नहीं था। इसके बाद दोनों ने मिलकर बच्ची की हत्या को हादसे का रूप देने की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक, पांडुरंग अपनी बेटी प्राची को मोटरसाइकिल पर बैठाकर तेलंगाना के निजामाबाद जिले में स्थित निजाम सागर नहर तक ले गया। वहां उसने मासूम बच्ची को नहर में धक्का दे दिया और मौके से फरार हो गया। खेतों में काम कर रहे कुछ ग्रामीणों ने पानी में कुछ गिरने की आवाज सुनी और जब पास जाकर देखा तो बच्ची का शव पानी में तैर रहा था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिससे इस मामले की परतें खुलनी शुरू हुईं।

सोशल मीडिया से खुला राज, पिता और सरपंच गिरफ्तार

निजामाबाद पुलिस ने अज्ञात बच्ची का शव मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पहचान के लिए बच्ची की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं। कुछ ही समय में महाराष्ट्र के केरूर गांव के एक व्यक्ति ने तस्वीर देखकर बच्ची को पहचान लिया और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम गांव पहुंची और पांडुरंग से पूछताछ शुरू की। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और कहा कि बच्ची का इलाज चल रहा है। लेकिन जब सख्ती से पूछताछ की गई तो वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। निजामाबाद पुलिस आयुक्त पी. साई चैतन्य के मुताबिक, आरोपी ने साफ तौर पर स्वीकार किया कि पंचायत चुनाव लड़ने के लिए उसने यह खौफनाक कदम उठाया। पुलिस ने आरोपी पिता पांडुरंग कोंडमंगले और सरपंच गणेश शिंदे दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि सत्ता की भूख में गिरती इंसानियत की एक डरावनी मिसाल बन गया है।

 

Read More-भावनाओं में निकले शब्द पड़े भारी! पूर्व पति पर बयान के बाद मैरी कॉम ने क्यों झुकाया सिर? हाथ जोड़कर मांगी माफी

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts