भोपाल में मूंग की सरकारी खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर चल रहा किसानों का आंदोलन फिलहाल समाप्त हो गया है। सरकार और किसान संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद अधिकांश संगठनों ने प्रदर्शन खत्म करने पर सहमति जताई और अपने-अपने घर लौटने का फैसला किया। हालांकि आंदोलन खत्म होने के बावजूद कुछ किसान अब भी मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक सभी पात्र किसानों की पूरी फसल एमएसपी पर नहीं खरीदी जाएगी, तब तक यह मुद्दा पूरी तरह खत्म नहीं माना जा सकता। यही वजह है कि आंदोलन भले ही स्थगित हो गया हो, लेकिन किसानों की नाराजगी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
सरकार ने बदला फैसला, किसानों को दी कई बड़ी राहत
किसानों की मांगों पर विचार करने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने अपने पहले के फैसले में बदलाव किया। पहले सरकार केवल पात्र किसानों की मूंग उपज का 25 प्रतिशत खरीदने की बात कर रही थी, लेकिन बातचीत के बाद इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया। इसके अलावा मूंग खरीदी की अंतिम तारीख 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है। सरकार ने ई-टोकन व्यवस्था में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए एक विशेष समिति बनाने का भी ऐलान किया है। सरकार का कहना है कि समिति किसानों से सुझाव लेकर व्यवस्था में सुधार करेगी, ताकि भविष्य में किसानों को फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इन घोषणाओं के बाद अधिकतर किसान संगठनों ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए धरना समाप्त करने का फैसला लिया।
100% खरीदी की मांग पर अब भी कायम हैं कुछ किसान
हालांकि सरकार की नई घोषणाओं से कई किसान संतुष्ट दिखाई दिए, लेकिन कुछ संगठनों और किसानों का कहना है कि 60 प्रतिशत खरीदी से समस्या पूरी तरह हल नहीं होगी। उनका तर्क है कि यदि किसान ने पूरी मेहनत से फसल तैयार की है तो उसकी पूरी उपज एमएसपी पर खरीदी जानी चाहिए। किसानों का कहना है कि वे जल्द ही सभी संगठनों के साथ बैठक करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। उनका मानना है कि सरकार को किसानों के हित में ऐसा स्थायी समाधान निकालना चाहिए जिससे हर पात्र किसान अपनी पूरी उपज बिना किसी बाधा के सरकारी केंद्रों पर बेच सके। इसलिए आंदोलन फिलहाल खत्म होने के बावजूद यह मुद्दा आने वाले दिनों में फिर चर्चा का विषय बन सकता है।
प्रशासन ने सुरक्षित वापसी कराई, आगे भी जारी रहेगा संवाद
धरना समाप्त होने के बाद प्रशासन ने किसानों की सुरक्षित घर वापसी की व्यवस्था की। पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से बसों का इंतजाम किया गया, जिससे आंदोलन में शामिल किसान अपने-अपने जिलों के लिए रवाना हुए। अधिकारियों ने बताया कि सरकार किसानों के साथ लगातार संवाद बनाए रखेगी और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास करेगी। किसान संगठनों का भी कहना है कि यदि भविष्य में उनकी प्रमुख मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन की रणनीति बना सकते हैं। फिलहाल भोपाल का यह आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया है, लेकिन मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी और एमएसपी से जुड़े मुद्दे अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं।
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