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मेरठ हत्याकांड: फांसी का फैसला सुनते ही रो पड़े रविता-अमरदीप, जज ने सजा सुनाते हुए क्या कहा?

मेरठ के अमित कश्यप हत्याकांड में रविता और अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई गई। जानिए जज की टिप्पणी, दोषियों की भावुक अपील और सांप कांड का पूरा मामला।

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मेरठ हत्याकांड: उत्तर प्रदेश के मेरठ में अमित कश्यप हत्याकांड को लेकर अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पति की हत्या के मामले में दोषी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मौत की सजा दी गई है। अपर जिला जज-12 जयवीर सिंह नागर की अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों की आंखें नम हो गईं। बताया गया कि सजा सुनाने से पहले जज ने दोनों से पूछा कि वे अपने बचाव में या सजा को लेकर कुछ कहना चाहते हैं या नहीं। इस दौरान रविता ने अपने तीन छोटे बच्चों की देखभाल का हवाला देते हुए गुहार लगाई, जबकि अमरदीप ने अपने बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी का जिक्र किया। हालांकि, अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मृत्युदंड का फैसला सुनाया। फैसले के दौरान जज की टिप्पणी भी चर्चा में रही। अदालत ने पति की हत्या को गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि पति की हत्या करना धर्म की हत्या के समान है। इस फैसले के बाद एक बार फिर पूरे मामले की चर्चा तेज हो गई है।

जज ने क्यों कहा- पति की हत्या करना धर्म की हत्या के समान?

अदालत ने मामले में सामने आए तथ्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद रविता और अमरदीप को दोषी ठहराया। सुनवाई के दौरान जज जयवीर सिंह नागर ने अपराध की गंभीरता पर टिप्पणी की। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि पति को परमेश्वर माना जाता है और पति की हत्या करना धर्म की हत्या के समान है। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि दोनों ने मिलकर अमित की हत्या की योजना बनाई और फिर घटना को सांप के काटने से हुई मौत का रूप देने की कोशिश की। अदालत में सजा पर सुनवाई के दौरान रविता ने अपने तीन बच्चों का हवाला दिया, वहीं अमरदीप ने अपने माता-पिता के लिए गुहार लगाई। दोनों की भावुक अपील के बावजूद अदालत ने अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए फांसी की सजा सुनाई। इस फैसले ने मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

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सांप के काटने की कहानी कैसे खुली? पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनी अहम सुराग

अमित कश्यप की मौत अप्रैल 2025 में हुई थी। शुरुआत में इसे सांप के काटने से हुई मौत बताया गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने की बात सामने आने के बाद पुलिस की जांच ने नया मोड़ लिया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, रविता ने अमित के हाथ पकड़े थे, जबकि अमरदीप ने उसका गला दबाया था। आरोप यह भी था कि हत्या के बाद घटना को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने के लिए बिस्तर पर सांप छोड़ा गया। जांच के दौरान सांप के दांतों को लेकर भी सवाल उठे। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई। रविता के मोबाइल की कॉल डिटेल समेत दूसरे सबूतों की पड़ताल के बाद दोनों के खिलाफ मामला अदालत पहुंचा। अब अदालत ने दोनों को मृत्युदंड सुनाया है। हालांकि, मृत्युदंड के फैसले के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया का महत्व भी बना रहेगा।

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