प्रयागराज महाकुंभ के दौरान रातों-रात सोशल मीडिया सनसनी बनीं ‘महाकुंभ गर्ल’ मोनालिसा भोसले एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई तस्वीर नहीं बल्कि उनकी शादी है। फरहान खान के साथ केरल में निकाह करने के महज आठ दिन बाद इस मामले ने एक राजनीतिक और सांप्रदायिक मोड़ ले लिया है। फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ के चर्चित निर्देशक सनोज मिश्रा ने इस विवाह को सीधे तौर पर ‘लव-जिहाद’ करार दिया है। मिश्रा का दावा है कि यह कोई साधारण प्रेम विवाह नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरा और सोची-समझी साजिश का हाथ है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को केरल के प्रभाव से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह से उत्तर भारतीय लड़कियां गायब हो रही हैं या धर्म परिवर्तन कर रही हैं, उसके तार कहीं न कहीं एक बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं।
फरहान का ‘शाहीन बाग’ कनेक्शन और शरजील इमाम से जुड़ा नाम: क्या है सच?
निर्देशक सनोज मिश्रा ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान फरहान खान के अतीत को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब देश में सीएए (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे थे, तब फरहान खान को शाहीन बाग में विवादित चेहरा रहे शरजील इमाम के साथ कई बार देखा गया था। मिश्रा ने सवाल उठाया कि एक व्यक्ति जो खुद को अभिनेता बताता है, उसका कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोगों के साथ क्या काम? उन्होंने यह भी कहा कि फरहान का कोई फिल्मी करियर नहीं है; फिल्मों के नाम पर केवल पूजा और पोस्टर रिलीज की औपचारिकताएं की जाती हैं ताकि लड़कियों को जाल में फंसाया जा सके। सनोज मिश्रा के अनुसार, इन मामलों के पीछे ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (PFI) जैसे संगठनों का हाथ हो सकता है, जो बेरोजगार युवाओं का इस्तेमाल इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने के लिए करते हैं।
केरल बना ‘लव-जिहाद’ का हब? निर्देशक ने सरकार और एजेंसियों से की बड़ी अपील
मोनालिसा और फरहान की शादी के लिए केरल को चुनने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सनोज मिश्रा ने तीखे शब्दों में कहा कि केरल अब वामपंथियों और सनातन विरोधी ताकतों का गढ़ बन चुका है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि केरल से सैकड़ों लड़कियों को कंटेनरों में भरकर विदेशों में भेजा गया है। मिश्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपील की है कि वे इस मामले को व्यक्तिगत न मानकर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे के रूप में देखें। उन्होंने कहा कि बागपत का रहने वाला एक युवक, जिसके पिता जूते ठीक करने का काम करते हैं और जिसकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, वह अचानक केरल जाकर इस तरह की शादी कैसे कर लेता है? यह पूरी प्रक्रिया संदेह के घेरे में है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश या निजी पसंद?
इस पूरे विवाद के बीच मोनालिसा के परिवार वाले भी लड़के (फरहान) पर कई गंभीर आरोप लगा रहे हैं। वहीं, सनोज मिश्रा का मानना है कि यह मामला ‘द केरल स्टोरी’ जैसी फिल्मों में दिखाई गई कड़वी सच्चाई का एक जीता-जागता उदाहरण है। उनका कहना है कि योजनाबद्ध तरीके से हिंदू लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है ताकि सनातन धर्म की छवि को धूमिल किया जा सके। निर्देशक ने चेतावनी दी है कि दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से भी लड़कियां लगातार गायब हो रही हैं, और अगर जांच एजेंसियां गहराई से पड़ताल करेंगी, तो इन सबके तार केरल और प्रतिबंधित संगठनों से मिलेंगे। फिलहाल, मोनालिसा और फरहान की शादी सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस का मुद्दा बन गई है, जहाँ एक पक्ष इसे निजी आजादी बता रहा है, तो दूसरा पक्ष इसे बड़े षड्यंत्र का हिस्सा मान रहा है।
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