हैदराबाद के रामनगर में रहने वाला 18 सदस्यों का बड़ा परिवार उमरा की अदायगी के लिए आठ दिन पहले सऊदी अरब रवाना हुआ था। खुशी का माहौल था, बच्चे उत्साहित थे और सभी अपने लौटने की तैयारियों में भी व्यस्त थे। शनिवार शाम तक उनके हैदराबाद एयरपोर्ट पहुंचने की जानकारी रिश्तेदारों को दे दी गई थी। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
बीती रात करीब 1:30 बजे मदीना से लगभग 30 किलोमीटर दूर उनकी बस एक डीज़ल टैंकर से जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक थी कि कुछ ही सेकंड में बस आग के गोले में बदल गई। सोए हुए अधिकांश यात्रियों को समझ भी नहीं आया कि उनके चारों ओर मौत फैल चुकी है।
रिश्तेदारों के फोन पर घंटों तक कोई जवाब नहीं मिला और सुबह होते ही उन्हें वह खबर मिली जिसने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया Saudi Bus Accident में पूरे परिवार के 18 लोगों की मौत।
हादसे की दहशत भरी रात
Saudi Bus Accident का मंजर इतना भयावह था कि रेस्क्यू टीमें भी मौके पर पहुंचकर दंग रह गईं। रिपोर्टों के अनुसार, टैंकर से टकराते ही बस का आगे का हिस्सा चूर-चूर हो गया और ईंधन रिसते ही आग तेजी से फैल गई। आधी रात का सन्नाटा चीखों से भर गया लेकिन आग ने पलभर में बस को घेर लिया।
यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। बस में फंसे लोग बेबस होकर एक-दूसरे को बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन दरवाजे और खिड़कियां आग से घिर चुकी थीं।
हादसे में कुल 42 लोगों की मौत हुई, जिनमें से 18 एक ही परिवार के थे नौ वयस्क और नौ बच्चे।
आसिफ, जो परिवार के रिश्तेदार हैं, ने बताया, “हम लगातार संपर्क में थे। रात तक सब ठीक था… लेकिन अचानक सब खत्म हो गया। पूरे परिवार का एक साथ चले जाना कल्पना से भी परे है।”
बहन ने जैसे ही चाबी घुमाई, दीवारें रोने लगीं
हैदराबाद के रामनगर इलाके में उस घर का दरवाजा खोलते ही मातम की परतें बिखर गईं। 70 वर्षीय नसीरुद्दीन, उनकी पत्नी अख्तर बेगम, बेटा सलाउद्दीन, बेटियां अमीना, रिजवाना, शबाना और उनके बच्चे सभी की मौत की खबर ने पूरे मोहल्ले को सुन्न कर दिया।
बहन ने जैसे ही चाबी से घर का ताला खोला, सामने रखे सूटकेस और उमरा से लाए जाने वाले सामान की खाली जगह देखकर वह जोर-जोर से रोने लगीं।
रिश्तेदारों के अनुसार, परिवार हंसमुख था, मिलनसार था और हर त्योहार में घर मेहमानों से भरा रहता था। पर अब यह घर खाली है, आवाजें खामोश हैं और दीवारें भीग रही हैं उन यादों से जिन्हें वापस कभी नहीं लाया जा सकेगा।
Saudi Bus Accident ने न केवल 18 जिंदगियां छीनीं, बल्कि तीन पीढ़ियों को एक साथ खत्म कर दिया।
कैसे हुई टक्कर?
सऊदी प्रशासन ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, बस मदीना से वापस आ रही थी और उसी समय सामने से आ रहे डीज़ल टैंकर से उसकी जोरदार भिड़ंत हुई।
रात का समय, तेज रफ्तार और रेगिस्तानी सड़कों का लंबा एकांत — इन सभी वजहों ने मिलकर हादसे को और भयावह बना दिया। ज्यादातर यात्री सो रहे थे और टक्कर के तुरंत बाद आग फैलने के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए।
भारत सरकार भी हादसे पर नजर बनाए हुए है और पीड़ित परिवारों को मदद पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। यह हादसा सिर्फ एक समाचार नहीं, बल्कि एक ऐसा घाव है जो लंबे समय तक भुलाया नहीं जा सकेगा। उमरा से लौटते वक्त खुशियों से भरी बस कैसे कुछ मिनटों में खामोश हो गई — Saudi Bus Accident की यह त्रासदी भारत और सऊदी दोनों जगह लोगों के दिलों को झकझोर रही है।
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