ऑस्ट्रेलिया के वेस्टर्न रीजन में हाल ही में ऐसा मंजर देखने को मिला जिसे देख हर कोई हैरान रह गया। 28 मार्च की सुबह वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के शार्क बे और डेनहम के लोग जैसे किसी डरावने सपने में फंस गए थे। नीला आसमान गायब था और चारों तरफ गहरा लाल रंग फैला हुआ था। घर, सड़कें, गाड़ियां और समुद्र का किनारा भी लाल रंग की चादर में लिपटा नजर आया। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे ‘अपोकैलिप्टिक’ सीन बताया और इसे हॉलीवुड फिल्म के किसी एंड ऑफ द वर्ल्ड सीन के समान बताया।
स्थानीय लोग इस रहस्यमयी दृश्य को देखकर घरों में कैद हो गए थे। दृश्य इतना डरावना था कि लोग बाहर देखने से डर रहे थे। इंटरनेट पर वायरल हुई तस्वीरों और वीडियो ने पूरी दुनिया में चर्चा छेड़ दी। वैज्ञानिकों ने हालांकि इसे प्राकृतिक घटना बताया, लेकिन उस समय वहां मौजूद लोगों के लिए यह मंजर किसी वास्तविक कयामत से कम नहीं था।
ट्रॉपिकल साइक्लोन नरेल के पीछे का विज्ञान
इस खूनी लाल आसमान के पीछे कोई परलौकिक ताकत नहीं थी, बल्कि इसका कारण था ‘ट्रॉपिकल साइक्लोन नरेल’। 27 मार्च को यह चक्रवात लगभग 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ऑस्ट्रेलिया के तट से टकराया। इसके कारण रेगिस्तान की लोहे से भरपूर लाल मिट्टी (Iron-rich soil) हवा में उठकर आसमान में फैल गई।
जब सूरज की किरणें इन महीन लाल धूल के कणों से टकराईं, तो प्रकाश का परावर्तन (‘scattering effect’) पूरा मंजर खूनी लाल बना गया। वैज्ञानिकों के अनुसार यह एक सामान्य प्राकृतिक घटना है जो तब होती है जब रेगिस्तान की धूल और तेज धूप मिलकर आकाश को अद्भुत रंग देती है। हालांकि यह विज्ञान समझा सकता है, लेकिन दृश्य इतना असामान्य और डरावना था कि लोगों को लगा मानो कुदरत कोई चेतावनी दे रही हो।
स्थानीय लोगों के अनुभव और सोशल मीडिया हंगामा
शार्क बे कैरावन पार्क के निवासियों ने बताया कि सुबह का मंजर बेहद ‘ईरी’ यानी अजीबोगरीब और डरावना था। लोग घरों में कैद थे और बाहर निकलना खतरनाक महसूस कर रहे थे। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि लाल आसमान ने पूरी जगह को भयानक रूप दे दिया।
कुछ यूजर्स ने मजाक में इसे हॉलीवुड की ‘एंड ऑफ द वर्ल्ड’ फिल्म का सीन बताया, तो कुछ ने इसे कुदरत की चेतावनी मान लिया। वैज्ञानिकों ने ट्वीट कर बताया कि यह घटना प्राकृतिक है और इसमें किसी प्रकार का खतरा नहीं है। इसके बावजूद यह दृश्य ऑस्ट्रेलियाई लोगों की यादों में लंबे समय तक रहेगा।
कुदरत की ताकत और भविष्य की चेतावनी
ऑस्ट्रेलिया का यह मंजर हमें यह याद दिलाता है कि इंसान प्रकृति के आगे कितना छोटा और असहाय है। ट्रॉपिकल साइक्लोन और लाल धूल ने दिखा दिया कि प्राकृतिक शक्तियां कभी भी मानव समझ से परे हो सकती हैं। फिलहाल स्थिति सामान्य हो रही है, लेकिन उस खूनी लाल आसमान की याद लोगों के जेहन में हमेशा बनी रहेगी।
ऐसे मौसमी बदलाव और असामान्य मौसम वाले दृश्य भविष्य में और भी बार देखने को मिल सकते हैं। खासकर तब जब चक्रवात और रेगिस्तानी धूल जैसी परिस्थितियां मिलकर आकाश को असामान्य रंग दे दें।
