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ईरान की टेक्नोलॉजी के आगे फेल अमेरिका? 18 लाख के शाहेद ड्रोन ने 800 करोड़ के फाइटर जेट को दिया चकमा, देखें वीडियो

ईरान का शाहेद ड्रोन अमेरिका के F-15 फाइटर जेट को चकमा देकर हमला करता है। इराक से वायरल वीडियो दिखाता है कैसे कम कीमत वाला ड्रोन अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम को मात देता है।

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इराक से सामने आए वीडियो ने अमेरिका की वायु सेना को लेकर बनाए गए कथित नैरेटिव को चुनौती दे दिया है। इस फुटेज में दिखाया गया है कि कैसे ईरान का शाहेद ड्रोन, जिसकी कीमत लगभग 18 लाख रुपए है, अमेरिकी F-15 फाइटर जेट से बच निकलता है। वीडियो के अनुसार, ड्रोन कम ऊंचाई पर उड़ता हुआ अमेरिकी जेट को चकमा देता है और अंत में टारगेट पर हमला करता है। एरबिल के एक तेल ठिकाने पर हुए इस हमले के बाद धुआं उठता दिख रहा है, जो इस ड्रोन की प्रभावशीलता को दर्शाता है। यह फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है और रक्षा विशेषज्ञों के बीच बहस का विषय बन गया है।

शाहेद ड्रोन की अद्भुत टेक्नोलॉजी

ब्रिटेन के रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट के शोधकर्ता थॉमस विन्गिंगटन के अनुसार, शाहेद ड्रोन अपने ऑपरेशन के दौरान GPS सिग्नल से कनेक्ट रहता है, लेकिन हमला करने से पहले रिसीवर को बंद कर देता है। यह तकनीक अमेरिकी जेट और अन्य एयर डिफेंस सिस्टम को भ्रमित करने के लिए डिज़ाइन की गई है। रूस भी यूक्रेन युद्ध में इसी तरह के ड्रोनों का निर्माण कर रहा है। अमेरिका स्थित Institute for Science and International Security की रिपोर्ट के अनुसार, शाहेद-शैली के ड्रोन “state-of-art antenna interference suppression” तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, जिससे दुश्मन के जैमिंग सिग्नल प्रभावहीन हो जाते हैं।

हल्के और अदृश्य: F-15 को मात देने वाली रणनीति

2023 के RUSI पेपर के अनुसार, शाहेद ड्रोन प्लास्टिक और फाइबरग्लास जैसी हल्की, रडार अवशोषित सामग्री से बनाया गया है। इसका छोटा आकार और कम ऊंचाई इसे अमेरिकी एयर डिफेंस राडार और जेट फाइटर से बचने में मदद करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका डिज़ाइन कम लागत में अधिक प्रभाव पैदा करने के लिए तैयार किया गया है। F-15 जैसे महंगे जेट को निशाना बनाने वाले ड्रोनों की ये रणनीति दिखाती है कि आधुनिक युद्ध में कम लागत वाली तकनीक भी बड़े हथियारों को मात दे सकती है।

अमेरिकी वायु सेना के लिए नई चुनौती

इस घटना ने अमेरिकी वायु सेना के लिए नई सुरक्षा चुनौती पेश की है। जबकि अमेरिका दावा करता है कि उसकी वायु सेना विश्व की सबसे ताकतवर है, शाहेद ड्रोन जैसे हल्के और तेज़ ड्रोन इसकी कमजोरियों को उजागर कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य के युद्धों में ऐसे छोटे, तेज़ और कम लागत वाले ड्रोन रणनीतिक रूप से बड़े हथियारों का मुकाबला कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने फैंस और विशेषज्ञों में बहस पैदा कर दी है कि आधुनिक युद्ध में मूल्य और आकार की तुलना ताकत से नहीं की जा सकती।

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