मंगलवार दोपहर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक भयंकर विस्फोट ने पूरे इलाके को हिला दिया। यह धमाका जिला न्यायिक परिसर के पास हुआ, जहां उस वक्त बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। चश्मदीदों के अनुसार, अचानक तेज धमाके की आवाज आई और देखते ही देखते पार्किंग में खड़ी एक कार पूरी तरह उड़ गई। पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे सुसाइड ब्लास्ट (Suicide Blast) करार दिया है। धमाके में अब तक 5 लोगों की मौत और 12 से अधिक घायल होने की पुष्टि हुई है।
कार में बैठा था आत्मघाती हमलावर, बॉडी पार्ट्स बरामद
जांच में पता चला है कि जिस कार में विस्फोट हुआ, उसमें एक शख्स मौजूद था जो विस्फोटक लेकर आया था। पुलिस का कहना है कि धमाका इतना जोरदार था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियों में आग लग गई और इमारतों के शीशे चकनाचूर हो गए। मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने इलाके को घेर लिया और घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि मौके से मानव शरीर के अवशेष और विस्फोटक सामग्री के टुकड़े बरामद किए गए हैं।
धमाके की सूचना मिलते ही इस्लामाबाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और सेना के जवान मौके पर पहुंचे। इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि धमाके का निशाना न्यायिक परिसर या वहां के अधिकारी हो सकते हैं। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके की तलाशी ले रही हैं। इसके साथ ही इस्लामाबाद और रावलपिंडी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। आसपास के सभी कोर्ट्स और सरकारी दफ्तरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
चश्मदीदों ने बताई खौफनाक तस्वीर
धमाके के वक्त मौके पर मौजूद एक दुकानदार ने बताया, “अचानक इतनी तेज आवाज आई कि लगा जैसे पूरा इलाका हिल गया हो। धुआं और आग चारों तरफ फैल गई। लोग जान बचाकर भागने लगे।” वहीं एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि विस्फोट के बाद कई कारें धू-धू कर जलने लगीं और घायलों की चीखें पूरे क्षेत्र में गूंज उठीं।
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने इस धमाके को गंभीर आतंकी घटना करार देते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायल नागरिकों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा देने के निर्देश दिए हैं। जांच एजेंसियों को धमाके की हर एंगल से जांच करने का आदेश दिया गया है।
बार-बार दहल रहा है पाकिस्तान
बीते कुछ महीनों में पाकिस्तान में आतंकी घटनाओं में तेजी आई है। खासतौर पर इस्लामाबाद, पेशावर और क्वेटा जैसे शहर लगातार आतंकियों के निशाने पर हैं। हाल ही में पेशावर में हुए मस्जिद ब्लास्ट में 100 से ज्यादा लोग मारे गए थे। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान में आतंकी संगठन फिर से सक्रिय हो रहे हैं, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, धमाके के पीछे किसी संगठित समूह का हाथ हो सकता है। जांच एजेंसियों को शक है कि यह हमला किसी बड़े नेटवर्क के जरिए प्लान किया गया था। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि कार लाने वाले संदिग्ध की पहचान हो सके।
लोगों में डर का माहौल
धमाके के बाद से लोगों में भारी दहशत का माहौल है। कई नागरिकों ने सवाल उठाए हैं कि आखिर राजधानी जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में इतनी आसानी से विस्फोटक कार कैसे पहुंच गई? स्थानीय लोग प्रशासन से सुरक्षा इंतज़ामों को और मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।
धमाके की जगह पर अब भी जल चुकी गाड़ियों और बिखरे मलबे के निशान मौजूद हैं। चारों ओर पुलिस की गाड़ियां, एंबुलेंस और मीडिया का जमावड़ा है। लोगों के चेहरों पर खौफ और आक्रोश दोनों झलक रहा है। यह घटना एक बार फिर बता गई कि पाकिस्तान अब भी आतंकी खतरों से पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाया है।
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