मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बीच हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। इसी बीच इजरायली सेना ने हमले का पहला आधिकारिक वीडियो जारी कर दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। वीडियो में एक मिसाइल को ईरान के सैन्य ठिकाने की ओर तेजी से बढ़ते और फिर जोरदार धमाके के साथ लक्ष्य को भेदते हुए देखा जा सकता है। धमाके के बाद पूरे इलाके में घना धुआं फैलता दिखाई देता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव और भी गहरा गया है।
‘ऑपरेशन रोर ऑफ द लॉयन’ की पहली झलक
इजरायली सेना Israel Defense Forces ने इस हमले को ‘ऑपरेशन रोर ऑफ द लॉयन’ नाम दिया है। सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि पश्चिमी ईरान में सैकड़ों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। जारी बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई बड़े पैमाने पर की गई, जिसमें मिसाइल लॉन्चर, हथियार भंडार और अन्य रणनीतिक ठिकानों को टारगेट किया गया। इजरायली वायुसेना का कहना है कि यह ऑपरेशन सुरक्षा कारणों से शुरू किया गया और इसका मकसद संभावित खतरों को पहले ही निष्क्रिय करना है। वीडियो में दिखाई दे रहा धमाका इस अभियान की तीव्रता को दर्शाता है।
तेहरान समेत कई शहरों में हमलों की खबर
सूत्रों के मुताबिक ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई अन्य शहरों में भी हमलों की आवाजें सुनी गईं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि कुछ सैन्य प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचा है, हालांकि ईरानी प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। दूसरी ओर, अमेरिकी समर्थन की खबरों के बीच क्षेत्रीय समीकरण और जटिल होते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात काबू में नहीं आए तो यह संघर्ष व्यापक रूप ले सकता है। इस बीच ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है, जिससे तनाव और बढ़ सकता है।
एयर डिफेंस सिस्टम अलर्ट, बढ़ी वैश्विक चिंता
इजरायली सेना ने अपने बयान में यह भी कहा कि ईरान की ओर से संभावित जवाबी हमलों को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं। मिसाइल रोधी प्रणाली लगातार निगरानी में है और किसी भी हमले को विफल करने के लिए तैयार है। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। कई देशों ने संयम बरतने की अपील की है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया है। मध्य पूर्व पहले से ही संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है और ऐसे सैन्य अभियान वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा पर भी असर डाल सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं और क्या कूटनीतिक प्रयास इस तनाव को कम कर पाएंगे।
