इस्लामाबाद में उस समय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गईं, जब अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक से पहले संभावित खतरे की सूचना मिली। जानकारी के मुताबिक, किसी बड़े आतंकी हमले या विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी राजधानी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया। इसी के तहत देर रात से सुबह तक बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि वार्ता के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो और विदेशी प्रतिनिधियों की सुरक्षा में कोई चूक न हो।
323 घरों की तलाशी, 26 संदिग्ध हिरासत में
सुरक्षा एजेंसियों ने इस्लामाबाद पुलिस और काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) के साथ मिलकर राजधानी के कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान कुल 323 घरों की तलाशी ली गई और 26 लोगों को शक के आधार पर हिरासत में लिया गया। सूत्रों के अनुसार, यह अभियान खासतौर पर उन इलाकों में चलाया गया जहां पश्तून और बलूच समुदाय की अधिक आबादी है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ अभी तक कोई आधिकारिक आरोप सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही हैं।
आतंकी हमले का इनपुट, TTP और अन्य संगठनों पर नजर
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था कि तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (TTP) या ज़नैबुइयोन ब्रिगेड जैसे संगठन अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी के दौरान किसी बड़े हमले की योजना बना सकते हैं। इसी आशंका के चलते सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया। इसके अलावा, अमेरिका विरोधी प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए भी पुलिस ने अतिरिक्त सतर्कता बरती। एजेंसियों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील समय में छोटी सी चूक भी बड़ा खतरा बन सकती है, इसलिए हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
सड़क पर भी चेकिंग, ड्रग्स के साथ एक गिरफ्तार
तलाशी अभियान के साथ-साथ शहर की सड़कों पर भी सघन जांच अभियान चलाया गया। पुलिस और CTD की टीमों ने कई जगहों पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की। इस दौरान करीब 180 मोटरसाइकिल सवार और 73 कार सवार लोगों की तलाशी ली गई। जांच के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से करीब 285 ग्राम मादक पदार्थ बरामद हुआ। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा ऑपरेशन एहतियात के तौर पर किया गया है ताकि राजधानी में शांति बनी रहे। फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में बनी हुई हैं।
