Thursday, March 12, 2026
Homeदुनिया“हर मौत का हिसाब होगा…” ईरान के सुप्रीम लीडर की कड़ी चेतावनी,...

“हर मौत का हिसाब होगा…” ईरान के सुप्रीम लीडर की कड़ी चेतावनी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रखने से दुनिया में बढ़ी बेचैनी

-

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की ओर से एक बेहद सख्त बयान सामने आया है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई ने अमेरिका को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि युद्ध में मारे गए हर व्यक्ति का बदला लिया जाएगा। गुरुवार (12 मार्च 2026) को उनका संदेश ईरान के सरकारी टेलीविजन के जरिए पढ़कर सुनाया गया। इस बयान में उन्होंने साफ कर दिया कि अगर क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियां जारी रहीं तो ईरान चुप नहीं बैठेगा। खामेनेई का कहना है कि ईरान अपने दुश्मनों को जवाब देने के लिए हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रखने पर अडिग ईरान

ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखने का संकेत भी दिया है। खामेनेई ने कहा कि यह रणनीतिक मार्ग ईरान के लिए एक बड़ा दबाव बनाने वाला हथियार है और इसका इस्तेमाल जारी रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस कदम का उद्देश्य दुश्मनों को यह दिखाना है कि ईरान अपनी सुरक्षा और हितों के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद रहने की आशंका से वैश्विक तेल और गैस सप्लाई पर असर पड़ने लगा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ गई है।

अमेरिकी सैन्य अड्डों पर भी दी चेतावनी

ईरानी नेता ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर इन अड्डों से ईरान के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई तो उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। खामेनेई ने खाड़ी देशों से भी अपील की कि वे अपने यहां अमेरिकी सेनाओं को जगह देने से बचें। उनके मुताबिक, अगर पड़ोसी देश अमेरिकी सेना को समर्थन देते हैं तो इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने नागरिकों और सैनिकों की मौत का हिसाब जरूर लेगा।

पड़ोसी देशों के साथ संबंधों पर भी दिया संदेश

कड़े तेवर के बीच खामेनेई ने यह भी कहा कि ईरान की नीति अपने पड़ोसी देशों के साथ सहयोग और दोस्ती की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना ईरान की प्राथमिकता है, लेकिन किसी भी देश को अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के जरिए ईरान के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। उनका कहना था कि अगर दुश्मन नुकसान की भरपाई करने से इनकार करता है तो ईरान उसकी संपत्तियों को जब्त करने या उन्हें नष्ट करने का कदम भी उठा सकता है। इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट की स्थिति और अधिक संवेदनशील होती दिखाई दे रही है।

Read more-‘मैं ननकीराम का बेटा हूं… जो करना है कर लो!’ शराब के नशे में सड़क पर हंगामा, बुजुर्ग से मारपीट और फिर थाने से निकल गई कार

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts