मिडिल ईस्ट से आ रही खबरों ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अब एक और सनसनीखेज दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए उस भीषण सर्जिकल स्ट्राइक में खामेनेई की पत्नी, मन्सूरह खोजस्ते बाक़िरज़ादेह की भी मौत हो गई है। जिस बंकर या सुरक्षित ठिकाने को निशाना बनाया गया था, वहां खामेनेई के साथ उनके परिवार के कुछ करीबी सदस्य भी मौजूद थे। इस खबर के बाहर आते ही ईरान के कट्टरपंथियों और समर्थकों के बीच मातम के साथ-साथ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। यह हमला इतना सटीक था कि इसने ईरान के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘इंटीरियर सर्कल’ को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
सटीक हमला और निशाने पर खामेनेई का परिवार
बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन कई हफ्तों की खुफिया जानकारी के बाद अंजाम दिया गया था। अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिले थे कि सर्वोच्च नेता अपनी पत्नी के साथ एक गुप्त स्थान पर सुरक्षा घेरे में हैं। हमले में इस्तेमाल किए गए ‘बंकर-बस्टर’ मिसाइलों ने पलक झपकते ही पूरी इमारत को मलबे में तब्दील कर दिया। मन्सूरह खोजस्ते, जो सार्वजनिक जीवन से दूर रहती थीं, उन्हें ईरानी सत्ता में एक सम्मानित मातृशक्ति के रूप में देखा जाता था। उनकी मौत ने इस जंग को अब व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर ला खड़ा किया है, जिससे अब ईरान की ओर से ‘अंतिम युद्ध’ की धमकियां दी जा रही हैं।
ईरान में शोक की लहर और बदले की आग
खामेनेई की पत्नी की मौत की खबर फैलते ही तेहरान की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडरों ने इसे ‘कायरतापूर्ण कृत्य’ करार देते हुए कहा है कि इसका बदला सिर्फ इजरायल के विनाश से ही पूरा होगा। मुस्लिम देशों में भी इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई के उत्तराधिकार की जंग के बीच परिवार के सदस्यों की मौत ईरान के राजनीतिक ढांचे को पूरी तरह अस्थिर कर सकती है। अब तक केवल राजनीतिक विरोध की बात हो रही थी, लेकिन सर्वोच्च नेता की पत्नी के मारे जाने से यह मामला अब ईरानी जनता की भावनाओं से गहराई से जुड़ गया है।
वैश्विक सुरक्षा पर खतरा और दुनिया की नजरें
इस दोहरे झटके के बाद मिडिल ईस्ट में तीसरे विश्व युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। अगर ईरान ने अपनी ‘रेड लाइन’ पार करते हुए इजरायल या अमेरिकी ठिकानों पर सीधे हमले किए, तो स्थिति बेकाबू हो जाएगी। भारत समेत कई देशों ने अपने नागरिकों को तुरंत ईरान और इजरायल छोड़ने की सलाह दी है। संयुक्त राष्ट्र ने शांति की अपील की है, लेकिन जिस तरह से इजरायली पीएम नेतन्याहू ने इसे ‘न्याय की जीत’ बताया है, उससे सुलह की उम्मीदें धुंधली नजर आ रही हैं। पूरी दुनिया अब सांसें थामकर देख रही है कि आने वाले 24 घंटे इस महाजंग को किस दिशा में ले जाते हैं।
