रूसी सेना का हल्का परिवहन विमान एएन-26 बुधवार, 1 अप्रैल 2026 की सुबह क्रीमिया प्रायद्वीप में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान पर सवार सभी 29 लोग मारे गए। इसमें छह चालक दल के सदस्य और 23 यात्री शामिल थे। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दुर्घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान की उड़ान मंगलवार देर रात से तय थी और दुर्घटना के समय यह निर्धारित मार्ग पर था। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, विमान चट्टान से टकराया और सभी यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई।
तकनीकी खराबी बनी हादसे की मुख्य वजह
रूसी रक्षा मंत्रालय और समाचार एजेंसी तास की रिपोर्ट के अनुसार, दुविमान र्घटना का कारण तकनीकी खराबी माना जा रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि विमान पर किसी तरह का हमला नहीं हुआ था। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने बताया कि 31 मार्च की शाम करीब 6 बजे (मॉस्को समय) से विमान से संपर्क टूट गया था। इसके बाद तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया। दुर्घटनास्थल पर पहुंचने पर अधिकारियों ने विमान के ध्वस्त मलबे और सवारियों की मृत्य की पुष्टि की। एएन-26 विमान कई दशकों से रूसी सेना में इस्तेमाल में है और यह कम और मध्यम दूरी के लिए उपयुक्त माना जाता है।
एएन-26 विमान की विशेषताएं और पिछले हादसे
एएन-26 एक हल्का सैन्य परिवहन विमान है, जो करीब 40 यात्रियों और माल को ले जाने में सक्षम है। यह विमान मुख्य रूप से सैन्य और आपातकालीन परिवहन के लिए इस्तेमाल होता है। पिछले साल दिसंबर में भी रूस में इसी तरह का बड़ा हादसा हुआ था। 9 दिसंबर 2025 को मॉस्को के पूर्व में स्थित इवानोवो क्षेत्र में एंटोनोव एएन-22 परीक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उस हादसे में भी कोई बच नहीं पाया था। इस तरह की घटनाएं रूसी सैन्य विमानन के लिए गंभीर क्षति मानी जाती हैं और तकनीकी जाँच और सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े करती हैं।
सैन्य विमानन सुरक्षा और भविष्य की जांच
ऐसे विमान हादसे सैन्य विमानन में सुरक्षा मानकों और तकनीकी रखरखाव पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता को दर्शाते हैं। रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस हादसे की पूरी जांच की जाएगी और सभी तकनीकी पहलुओं, विमान के रखरखाव रिकॉर्ड और उड़ान की परिस्थितियों का विश्लेषण किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में इसी तरह की घटनाओं से बचने के लिए और कड़े उपाय किए जाएंगे। क्रीमिया में यह हादसा रूसी सैन्य विमानन के लिए एक गंभीर झटका माना जा रहा है।
