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पहले बुमराह अब हेजलवुड… वर्ल्ड क्लास गेंदबाजी पर वैभव सूर्यवंशी ने कहा ‘मैं गेंद देखता हूं गेंदबाज को…’

आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आरसीबी के खिलाफ 26 गेंदों में 78 रनों की तूफानी पारी खेलकर इतिहास रच दिया। जानें उनकी सफलता का मंत्र और मैच के बाद दिया गया वो भावुक बयान।

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आईपीएल 2026 के 16वें मुकाबले में शुक्रवार की शाम एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच खेले गए इस रोमांचक मैच में 202 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान की टीम के लिए 15 साल के युवा सनसनी Vaibhav Suryavanshi ने ‘कोहराम’ मचा दिया। Vaibhav Suryavanshi ने महज 26 गेंदों का सामना करते हुए 78 रनों की ऐसी आतिशी पारी खेली कि बेंगलुरु के गेंदबाज असहाय नजर आने लगे। उनकी इस पारी की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो उन्हें आईपीएल इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे तेज पचासा जड़ने वाला तीसरा भारतीय बनाता है। अपनी इस पारी में उन्होंने 8 चौके और 7 गगनचुंबी छक्के लगाकर स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

‘सामने गेंदबाज कौन है, मुझे फर्क नहीं पड़ता’ – निर्भीक बल्लेबाजी का राज

मैच के बाद जब हर तरफ Vaibhav Suryavanshi की चर्चा हो रही थी, तब इस युवा खिलाड़ी ने अपनी बल्लेबाजी के पीछे की रणनीति का खुलासा किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या जोश हेजलवुड और जसप्रीत बुमराह जैसे दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों का सामना करते वक्त उन्हें डर नहीं लगा? इस पर Vaibhav Suryavanshi ने बहुत ही परिपक्व जवाब दिया। उन्होंने कहा कि “बेशक, मन के एक छोटे से कोने में यह ख्याल रहता है कि सामने वाला गेंदबाज वर्ल्ड क्लास है, लेकिन जैसे ही गेंद हाथ से छूटती है, मेरा पूरा ध्यान सिर्फ गेंद की लाइन और लेंथ पर होता है, गेंदबाज के नाम पर नहीं।” Vaibhav Suryavanshiने बताया कि वे केवल उसी प्रोसेस को फॉलो कर रहे थे जो उन्होंने नेट प्रैक्टिस के दौरान सीखी थी। उनकी यह निडर सोच ही थी कि उन्होंने दिग्गज गेंदबाजों की गेंदों को भी सीमा रेखा के बाहर आसानी से भेज दिया।

सादगी ने जीता फैंस का दिल

अक्सर देखा जाता है कि एक बड़ी जीत और रिकॉर्ड पारी के बाद खिलाड़ी देर रात तक जश्न मनाते हैं, लेकिन Vaibhav Suryavanshi की सादगी ने सबको अपना कायल बना लिया। जब प्रेजेंटेशन के दौरान एंकर ने उनसे पूछा कि क्या आज रात वे इस शानदार जीत का जश्न मनाने के लिए केक काटेंगे, तो वैभव ने मुस्कुराते हुए मना कर दिया। उन्होंने कहा, “नहीं सर, ऐसी कोई योजना नहीं है। हमें आज जल्दी सोना होगा क्योंकि कल सुबह हमारी जल्दी की फ्लाइट है।” एक 15 साल के खिलाड़ी में अपने खेल और अपनी टीम के शेड्यूल के प्रति यह अनुशासन देखकर सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ हो रही है। वैभव का यह व्यवहार दर्शाता है कि वे सिर्फ एक अच्छे बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि एक बेहद अनुशासित एथलीट भी हैं।

लंबी रेस का घोड़ा है यह खिलाड़ी

अपनी इस अविश्वसनीय सफलता का श्रेय वैभव ने अपने परिवार और मेंटर्स को दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिता और कोच के साथ-साथ टीम में उनके गार्जियन ‘रोहित सर’ (रोहित शर्मा) उन्हें जमीन से जुड़े रहने की सलाह देते हैं। वैभव के अनुसार, उनके मार्गदर्शक हमेशा यही कहते हैं कि “यह तो बस शुरुआत है, असली सफर अभी बहुत लंबा है।” उन्हें सलाह दी जाती है कि वे बाहरी शोर और तारीफों पर ध्यान देने के बजाय अपनी मेहनत और खेल की प्रक्रिया पर ध्यान दें। 15 साल की उम्र में इतनी बड़ी समझदारी और चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ भी 15 गेंदों में अर्धशतक लगाने का कारनामा यह साबित करता है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं और वे आने वाले समय में कई और बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करेंगे।

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