26 मार्च 2026 को कोच्चि के जवाहरलाल नेहरू इंटरनेशनल स्टेडियम में भारतीय फुटबॉल टीम को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। टीम के हेड कोच खालिद जमील और खिलाड़ी आशिक कुरुनियान, सहल अब्दुल समद, और बिजॉय वर्गीस को स्टेडियम में प्रवेश करने से रोक दिया गया। यह विवाद उस समय सामने आया जब टीम एएफसी एशियन कप क्वालिफायर के मुकाबले से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस देने के लिए तैयार थी। सुरक्षा गार्ड्स ने साफ कहा कि स्टेडियम में एंट्री केवल तभी दी जाएगी जब आवश्यक भुगतान किया जाएगा।
स्टेडियम शुल्क को लेकर विवाद, 20-25 लाख रुपये की रकम अटकी
सूत्रों के अनुसार केरल फुटबॉल एसोसिएशन ने स्टेडियम के लिए 20 से 25 लाख रुपये की सिक्योरिटी राशि जमा नहीं की थी। इस वजह से टीम को स्टेडियम के गेट पर ही रोक दिया गया। मजबूरी में टीम को प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द करनी पड़ी और लौटना पड़ा। इस घटना ने न केवल खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ की नाराजगी बढ़ाई, बल्कि भारतीय फुटबॉल की छवि पर भी सवाल खड़ा कर दिया।
कोच्चि में पहले भी आई है ऐसी समस्या
यह पहली बार नहीं है जब कोच्चि में इस तरह का विवाद सामने आया हो। फरवरी 2026 में केरल ब्लास्टर्स के खिलाड़ियों को भी इसी तरह के भुगतान विवाद के कारण स्टेडियम में प्रवेश नहीं दिया गया था। लगातार ऐसी घटनाओं से यह स्पष्ट हो रहा है कि खेल प्रशासन और स्टेडियम प्रबंधन के बीच समन्वय की कमी भारतीय फुटबॉल के लिए चुनौती बन गई है।
मैच तय समय पर होगा, लेकिन भविष्य पर सवाल
हालांकि AIFF (All India Football Federation) ने भरोसा दिया है कि 31 मार्च को हांगकांग के खिलाफ मुकाबला तय समय पर ही खेला जाएगा। लेकिन लगातार सामने आने वाले इस तरह के विवाद भारतीय फुटबॉल की साख को नुकसान पहुंचा रहे हैं। अब यह देखना होगा कि क्या प्रशासन समय रहते इन समस्याओं को हल कर पाएगा या फिर भविष्य में भी ऐसे विवाद जारी रहेंगे।
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