भारत के स्टार क्रिकेटर केएल राहुल इस समय टी20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम का हिस्सा नहीं हैं। इस खबर ने क्रिकेट प्रेमियों में हैरानी पैदा कर दी, क्योंकि राहुल ने खुद को टीम के लिए इतना जरूरी नहीं मानने की बात कही। हाल ही में केएल राहुल ने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन के यूट्यूब चैनल ‘द स्विच’ पर बातचीत के दौरान अपने क्रिकेट करियर, रिटायरमेंट और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की। राहुल ने बताया कि उनके क्रिकेट के प्रति प्यार का आधार केवल दीवानगी नहीं, बल्कि बचपन की यादें और खुद का अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि उनके पिता भी क्रिकेट खेलते थे और परिवार के साथ खेलते समय उनके अंदर क्रिकेट की रुचि जन्मी। इस बातचीत में राहुल ने अपने क्रिकेट के सफर और व्यक्तिगत जीवन की चुनौतियों पर भी खुलासा किया।
सुपरस्टार नहीं, लेकिन मदद का मौका जरूर
केएल राहुल ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मैं सुपरस्टार हूं। लोग जब मेरी तारीफ करते हैं तो मुझे अजीब लगता है।” उन्होंने अपने द्वारा चलाए जा रहे फाउंडेशन का जिक्र करते हुए बताया कि वह अपने अनुभव और मौके का इस्तेमाल उन लोगों की मदद के लिए करना चाहते हैं, जो जीवन में संघर्ष कर रहे हैं। राहुल ने बताया कि उनके पास ये मौके क्रिकेट की वजह से आए हैं और अब उन्हें जिम्मेदारी के साथ उन लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं, जिन्हें सहारे की जरूरत है। इस बयान से स्पष्ट होता है कि राहुल का नजरिया सिर्फ खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज सेवा और मानवता तक फैला हुआ है।
रिटायरमेंट पर खुला राहुल का मन
केविन पीटरसन ने बातचीत में रिटायरमेंट के मुद्दे पर पूछा तो राहुल ने ईमानदारी से कहा, “जब आप अपने लिए ईमानदार होते हैं, तो रिटायरमेंट का फैसला मुश्किल नहीं होता। जब समय आएगा, तब लेना होगा, इसे खींचने का कोई फायदा नहीं।” राहुल ने स्वीकार किया कि चोट और उसकी रिकवरी किसी भी खिलाड़ी के लिए मानसिक लड़ाई होती है। उन्होंने आगे कहा कि क्रिकेट ने उन्हें बहुत कुछ दिया है, लेकिन अब वे जीवन में आनंद लेने और परिवार के साथ समय बिताने की प्राथमिकता रखते हैं। राहुल का यह बयान उनके मानसिक संतुलन और जीवन के नजरिए को दर्शाता है, जहां खेल के अलावा अन्य चीजें भी महत्वपूर्ण हैं।
“मैं इतना जरूरी नहीं हूं” – राहुल का जीवन बदलता नजरिया
राहुल ने सबसे चौंकाने वाली बात यह कही कि वे खुद को टीम के लिए इतना जरूरी नहीं मानते। उन्होंने कहा, “क्रिकेट हमारे देश में और दुनिया में चलता रहेगा। मेरे लिए और भी जरूरी चीजें हैं। यह माइंडसेट हमेशा से मेरे साथ रहा है, लेकिन जब से मेरा पहला बच्चा हुआ है, मेरी जिंदगी को देखने का नजरिया बदल गया है।” इस बयान से साफ है कि राहुल अब अपने परिवार और व्यक्तिगत जीवन को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। क्रिकेट उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जीवन का एक हिस्सा बन गया है। उन्होंने यह भी बताया कि संतुलित जीवन जीने के लिए खिलाड़ी को कभी-कभी खुद को पीछे हटाना भी जरूरी होता है।
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