इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) हमेशा से सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि कई बार यह सामाजिक और राजनीतिक बहसों का भी केंद्र बनता रहा है। इस बार विवाद की वजह बना है एक बांग्लादेशी क्रिकेटर का IPL में शामिल होना। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने इस मुद्दे को लेकर खुलकर नाराजगी जताई है और BCCI के साथ-साथ IPL फ्रेंचाइजी पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि IPL जैसे बड़े मंच पर बांग्लादेशी खिलाड़ी को शामिल करना देश और हिंदू समाज की भावनाओं की अनदेखी है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि किसी भी बांग्लादेशी क्रिकेटर को IPL में जगह नहीं दी जानी चाहिए, इसके बावजूद एक खिलाड़ी को टीम में शामिल किया गया, जो कई सवाल खड़े करता है।
‘कोई बांग्लादेशी नहीं आना चाहिए’ – देवकीनंदन ठाकुर का सख्त रुख
देवकीनंदन ठाकुर ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने खुद यह पता लगवाया कि IPL की किन-किन टीमों में बांग्लादेशी खिलाड़ी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “हमने साफ कहा था कि बांग्लादेश का कोई क्रिकेटर IPL में नहीं आना चाहिए। हमने सर्च करवाया कि किस-किस टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ी है। पता चला कि एक ही बांग्लादेशी क्रिकेटर है, जिसे IPL में खरीदा गया है।” ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि यह फैसला अचानक नहीं बल्कि सोच-समझकर लिया गया है। उनके मुताबिक यह मामला सिर्फ क्रिकेट का नहीं, बल्कि भावनाओं और संवेदनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बार-बार हिंदुओं की भावनाओं की बात की जाती है, तो फिर ऐसे फैसले क्यों लिए जाते हैं जो विवाद को जन्म देते हैं।
KKR मैनेजमेंट को सीधी चेतावनी, बहिष्कार की धमकी
अपने बयान में देवकीनंदन ठाकुर ने सीधे तौर पर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का नाम लिया और टीम मैनेजमेंट को चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “आज इस कथा में बैठकर हम यह साफ कहना चाहते हैं कि अगर तुम्हें हिंदुओं से प्रेम है, अगर तुम्हें भारत से प्रेम है और अगर हिंदुओं के मरने का दुख तुम्हें भी है, तो मिस्टर KKR उस बांग्लादेशी खिलाड़ी को तुरंत अपनी टीम से बाहर करो।” ठाकुर ने यह भी कहा कि अगर KKR ने इस मांग पर ध्यान नहीं दिया, तो वे टीम के बहिष्कार के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं है, बल्कि इससे जुड़े फैसलों का समाज पर भी असर पड़ता है। इस बयान के बाद KKR और BCCI दोनों पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।
9 करोड़ 20 लाख की कीमत
देवकीनंदन ठाकुर ने अपने बयान में उस बांग्लादेशी खिलाड़ी की कीमत का भी जिक्र किया, जिसे IPL में खरीदा गया है। उन्होंने कहा कि वह खिलाड़ी 9 करोड़ 20 लाख रुपये में खरीदा गया है और सवाल यह है कि यह पैसा आखिर जाएगा कहां और इसका इस्तेमाल किस लिए होगा। उन्होंने इसे भावनात्मक मुद्दे से जोड़ते हुए कहा कि ऐसे पैसों का इस्तेमाल आगे चलकर गलत उद्देश्यों के लिए हो सकता है। ठाकुर ने दर्शकों और समर्थकों से भी अपील की कि अगर KKR ने उस खिलाड़ी की कैंसलेशन नहीं की, तो यह बहुत बड़ा खेला माना जाएगा। फिलहाल इस पूरे विवाद पर BCCI, KKR मैनेजमेंट या संबंधित खिलाड़ी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इतना तय है कि IPL शुरू होने से पहले यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
