भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े नाम—विराट कोहली और रोहित शर्मा—अब अपने करियर के उस पड़ाव पर हैं, जहां उन्होंने टेस्ट और टी20 क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। दोनों दिग्गज अब सिर्फ वनडे फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और उनका पूरा ध्यान 2027 के वनडे वर्ल्ड कप पर टिका है। हाल के महीनों में यह साफ दिखा है कि अनुभव और निरंतरता के दम पर यह जोड़ी अब भी टीम इंडिया की रीढ़ बनी हुई है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में विराट कोहली ने तीन मैचों में 300 से ज्यादा रन बनाकर यह साबित कर दिया कि उम्र महज एक आंकड़ा है। वहीं, रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में आक्रामक अंदाज से टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। ऐसे में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भारतीय टीम इन दोनों महान खिलाड़ियों के लिए आखिरी बड़ा खिताब जीत पाएगी।
2027 वर्ल्ड कप: आखिरी सपना, आखिरी मिशन
विराट और रोहित के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि उनके शानदार करियर का अंतिम अध्याय माना जा रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों की मानें तो दोनों खिलाड़ी इस टूर्नामेंट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को पूरी तरह अलविदा कह सकते हैं। यही वजह है कि टीम मैनेजमेंट भी धीरे-धीरे नई पीढ़ी को तैयार करते हुए अनुभव और युवाओं का संतुलन बना रही है। कप्तानी, बल्लेबाजी क्रम और टीम कॉम्बिनेशन—हर स्तर पर 2027 को ध्यान में रखकर फैसले लिए जा रहे हैं। फैंस की भावनाएं भी इस मिशन से जुड़ी हैं, क्योंकि हर कोई चाहता है कि विराट और रोहित का विदाई पल उसी तरह यादगार बने, जैसा 2011 में हुआ था। उस समय पूरी टीम एकजुट होकर एक खिलाड़ी के सपने को साकार करने मैदान में उतरी थी।
IPL चेयरमैन की भावुक अपील
इसी भावना को शब्दों में पिरोते हुए IPL चेयरमैन अरुण धूमल ने टीम इंडिया से खास अपील की है। एक यूट्यूब इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारतीय टीम को 2011 की तरह एक बार फिर इतिहास रचने का लक्ष्य रखना चाहिए। धूमल के मुताबिक, जिस तरह महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में पूरी टीम ने सचिन तेंदुलकर के लिए वर्ल्ड कप जीता था, उसी तरह 2027 में नई पीढ़ी को विराट कोहली और रोहित शर्मा के लिए खेलना चाहिए। उन्होंने कहा कि विराट का योगदान सिर्फ भारतीय क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्व क्रिकेट में भी उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। रोहित शर्मा की कप्तानी और बल्लेबाजी ने भी पिछले एक दशक में भारत को कई यादगार जीत दिलाई हैं।
क्या दोहराया जाएगा 2011 का इतिहास?
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या टीम इंडिया 2011 की कहानी को दोबारा लिख पाएगी? उस वर्ल्ड कप में हर खिलाड़ी ने अपनी भूमिका बखूबी निभाई थी—चाहे बल्लेबाजी हो, गेंदबाजी या फील्डिंग। 2027 में भी चुनौती उतनी ही बड़ी होगी, क्योंकि प्रतिस्पर्धा पहले से ज्यादा कड़ी है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अन्य टीमें बेहद मजबूत नजर आ रही हैं। बावजूद इसके, भारतीय टीम के पास अनुभव, युवा जोश और रणनीतिक गहराई की कोई कमी नहीं है। अगर टीम एकजुट होकर खेले और दबाव के क्षणों में विराट-रोहित का अनुभव काम आया, तो यह सपना हकीकत बन सकता है। फैंस को उम्मीद है कि जिस तरह सचिन तेंदुलकर को विदाई के तौर पर वर्ल्ड कप मिला था, वैसे ही 2027 में विराट कोहली और रोहित शर्मा भी अपने करियर का सबसे खूबसूरत अंत देख सकेंगे।
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